बाल सुधार गृह से शनिवार रात नौ नाबालिग बंदी फरार हो गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वहीं भागने के लिए तरीका भी बेहद शातिर अपनाया। मामला हरियाणा के अंबाला का है। प्लानिंग के तहत नाबालिगों ने पहले बैरक के ताले तोड़े, फिर सीढ़ी का सहारा लेकर दीवार फांदी। पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया और आननफानन में कार्रवाई शुरू की। समाचार लिखे जाने तक फरार बाल बंदियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है, पुलिस ने टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी है।
सभी नाबालिगों की उम्र 15 साल के आसपास है। बताया जा रहा है कि इनमें से दो नाबालिग बंदी पॉक्सो एक्ट, एक दुष्कर्म, तीन हत्या, एक धारा 307 के तहत, दो चोरी केस में बंदी थे। जानकारी मुताबिक गंभीर अपराधों में संलिप्त नाबालिगों को सिटी के बाल सुधार गृह में रखा जाता है। शनिवार रात नौ नाबालिग बंदियों ने प्लानिंग की और ऑब्जर्वेशन होम से फरार हो गए। इन बाल बंदियों ने पहले बैरक नंबर दो के ताले तोड़े, इस दौरान मौजूद सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इसके बाद ये ऑब्वर्जेशन होम की एक दीवार की ओर बढ़े जहां लंबी सीढ़ी रखी थी। इसी सीढ़ी का सहारा लेकर सभी दीवार पर चढ़े और दूसरी ओर कूद गए। एक-एक कर नौ नाबालिग बंदी दीवार फांदकर फरार हो गए, जो बाल बंदी फरार हुए हैं, उनमें कई गंभीर अपराधों में संलिप्त हैं और काफी समय से बाल सुधार गृह में रह रहे थे। वहीं बाल बंदियों के फरार की सूचना जैसे ही पुलिस को लगी तो हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत ऑब्जर्वेशन होम का दौरा किया।
इस दौरान पूरे घटनाक्रम को बारीकी से जांचा, उन्होंने ऑब्जर्वेशन होम के स्टाफ से भी पूछताछ की। फिलहाल पुलिस ने बाल बंदियों को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया है। यह टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं, जबकि समाचार लिखे जाने तक कोई नाबालिग बंदी काबू नहीं हो सका है।
ऑब्जर्वेशन होम से बाल बंदी फरार हुए हैं, जिसकी जांच की जाएगी। इसमें जो भी लापरवाही सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बाल बंदियों की तलाश की जा रही है।
- बलजीत कौर, जिला प्रोग्रामिंग अफसर, अंबाला
फरार हुए नाबालिग बंदी ऑब्जर्वेशन होम में रह रहे थे। इनकी तलाश के लिए टीमें गठित की हैं, जो जगह-जगह दबिश दे रही हैं। जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। मामले की पूरी जांच की जा रही है।
- अजित सिंह, एसएचओ सिटी थाना, अंबाला शहर