जालंधर के बिशप हाउस का विवादों से पुराना नाता रहा है। सबसे संगीन मामला फ्रैंको मुल्लकल के खिलाफ है और अब करोड़ों की नकदी मिलने के केस ने तो सभी को हिला दिया है। पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश में 200 कैथोलिक स्कूल चल रहे हैं, जिन पर जालंधर बिशप हाउस का सीधा कंट्रोल होता है। हर स्कूल में 1500 से 3000 छात्र पढ़ते हैं। हालांकि कैथोलिक और बिशप हाउस मीडिया के सामने नहीं आ रहे, लेकिन उनकी तरफ से पुलिस और अधिकारियों को सफाई दी जा रही है कि पैसा स्कूलों का है।
सूत्रों के मुताबिक, इन पैसों के हवाला कनेक्शन की जांच ईडी और आयकर विभाग कर रहा है। वहीं यूपी से इसका कनेक्शन भी सामने आ रहा है। पूर्व हवलदार कपूर मसीह प्रतापपुरा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम को अचानक फादर के घर से शोर-शराबा सुनकर वह बाहर आए, तो देखा सादे कपड़े में कुछ युवक थे, जिनके हाथों में पिस्तौल थी। उनका दावा है कि जब वह फादर के कमरे में जाने लगे तो युवकों ने उनसे फोन छीन लिया और कहा कि चुपचाप एक जगह बैठ जाओ। बाद में फादर और उनके गेस्ट को गाड़ियों को बैठाकर ले गए। पास ही रहने वाले इलियास मसीह का कहना है कि उनके घर के बाहर ही एक कार खड़ी थी, जिसमें पुलिस बैठी हुई थी।
किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं था एंथनी का
ग्रामीण बताते हैं कि इलाके में किसी को अंदर आने की परमिशन नहीं दी जाती थी। लोग अगर जाते थे तो सिर्फ चर्च या अनाथालय या मंदबुद्धि बच्चों तक। फादर एंथनी के कमरे की तरफ जाने की आज्ञा किसी को नहीं थी। सिर्फ कैथोलिक से जुड़े लोग ही वहां आते जाते थे।