मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 अप्रैल तक किसी भी तरह के सामाजिक, सांस्कृतिक या खेल जमावड़ों की इजाजत नहीं दी जाएगी। सभी सरकारी दफ्तरों में पब्लिक डीलिंग 30 तक बंद रहेगी। इस दौरान लोगों से जुड़े कामकाज ऑनलाइन या वर्चुअल तरीके से किए जाएंगे। सिनेमा हॉल में फिलहाल कुल क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठने की अनुमति होगी। मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को छोड़कर बाकी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों के बंद रखने के आदेश 30 अप्रैल तक कायम रहेंगे।
पाबंदी लगाने पर मजबूर होना पड़ा : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि उन्हें राजनीतिक जनसभाओं पर पाबंदी लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि दलों द्वारा ऐसी अपीलों को लगातार नजरंदाज किया जाता रहा है। कांग्रेस पार्टी ने अपने तौर पर पहले ही बीते महीने एलान कर दिया था कि पार्टी कोई भी रैली, सार्वजनिक मीटिंग नहीं करेगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल समेत कुछ राजनीतिक नेताओं ने बिना सुरक्षा उपायों का ख्याल रखे रैलियों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा व्यवहार करना इन नेताओं को शोभा नहीं देता।