चंडीगढ़। शहर के सबसे पॉश व वीवीआईपी सेक्टर-5 में रहने वाले कारोबारी कुलदीप सिंह मक्कड़ के घर पर गोली चलाने का मामला फिर सुर्खियों में है। अब इस मामले के तार विदेश में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़ रहे हैं। गोल्डी बराड़ को आतंकी घोषित किया जा चुका है। ऐसे में 4 मार्च को गृह मंत्रालय ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी।
मामले में एनआईए ने सीबीआई की विशेष कोर्ट में तीन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता संदीप गुज्जर व अमरजीत सिंह ने दलील दी कि जिन आरोपियों का रिमांड मांगा जा रहा है, उनसे पहले ही चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर चुकी है। आरोपियों से रिकवरी भी हो चुकी है, इसलिए दोबारा पूछताछ करने या रिकवरी करने के लिए कुछ बचा नहीं है लेकिन एनआईए ने दलील दी कि इन आरोपियों आतंकी गतिविधियों में भी संलिप्तता मिली है, इसलिए इनसे पूछताछ जरूरी है। इसके अलावा इनका गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के साथ भी लिंक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अमृतपाल, प्रेम सिंह व सबरजीत का 4 दिन का रिमांड मंजूर किया।
कुछ समय पूर्व सेक्टर-5 में रहने वाले कारोबारी मक्कड़ ब्रदर्स के घर पर गोलियां चली थीं। उस वक्त कारोबारी कुलदीप सिंह मक्कड़ अपने घर में ही सोए हुए थे। इससे पहले मक्कड़ को विदेशी नंबर से फोन आया था और बातचीत करने वाले ने खुद को गैंगस्टर गोल्डी बराड़ बताते हुए उनसे दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। बाद में उन्हें दोबारा फोन कर आरोपी ने दो के बजाय तीन करोड़ रुपये की डिमांड की थी।
इस मामले में सीसीटीवी फुटेज के जरिए जांच टीमों ने सबसे पहले मोहाली जिले के मुल्लांपुर के नजदीक गांव करतारपुर निवासी गुरविंद्र सिंह उर्फ लाडी को गिरफ्तार किया, जिसने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए। कड़ियां जोड़ते हुए जांच टीमों ने एक-एक कर मामले में कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें लाडी के अलावा शुभम कुमार गिरी उर्फ पंडित, सरबजीत उर्फ शरभू, अमृतपाल उर्फ गुज्जर, कमलप्रीत सिंह, काशी सिंह उर्फ हैप्पी, प्रेम सिंह और गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी शामिल हैं।