लॉरेंस के घर के बाहर खड़ी गाडियां और तैनात पुलिस।
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कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के घर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने शाम साढ़े पांच बजे तक सर्च अभियान चलाया। पंजाब के अबोहर जिले में लॉरेंस बिश्नोई का गांव दुतारांवाली है। दिल्ली से दो गाड़ियों में एनआईए अधिकारी पहुंचे। उनके साथ पंजाब पुलिस की कई गाड़ियां थीं। आसपास के लोग दूर से ही कार्रवाई देख रहे थे। मीडियाकर्मियों को लॉरेंस के घर से काफी दूर रखा गया।
जांच अधिकारी लॉरेंस के घर से एक मोबाइल, दो सिम और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर साथ ले गए। टीम सुबह छह बजे पहुंची थी। यहां पुलिस की गाड़ियों को देखकर काफी देर तक लॉरेंस के परिजनों ने दरवाजा नहीं खोला। टीम ने सरपंच सुरेंद्र बागड़िया व अन्य लोगों को बुलाकर दरवाजा खुलवाया।
इसके बाद टीम ने परिजनों से घर की चाबी मांगी। इसके बाद टीम जांच में जुट गई। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने लॉरेंस के पिता लविंद्र बिश्नोई और माता सुनीता से संपत्ति के बारे में पूछताछ की और दस्तावेजों को जांचा। बैंक खातों से लेनदेन और जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त के संबंध में पूछताछ की गई।
पता चला है कि लॉरेंस के पिता के पास करीब 100 किल्ले पुश्तैनी जमीन है, जिसे वह ठेके पर देकर खेती करवाते हैं। जबकि हाल के वर्षों में उन्होंने कोई संपत्ति नहीं खरीदी। टीम के अधिकारियों ने लॉरेंस के घर चाय पी। उनके खाने का प्रबंध थाना बहाववाला के प्रभारी ने बाहर से किया था। जांच टीम की गाड़ियों की नंबर प्लेट पर मिट्टी लगी थी। इस पूरे काफिले में करीब 20 गाड़ियां शामिल थीं। लॉरेंस के अलावा सचिन बिश्नोई के घर में भी पड़ताल की गई।
अधिकारी सचिन के पिता शिवदत्त बिश्नोई को लेकर लॉरेंस के घर पहुंचे। पुलिस ने किसी को भी लॉरेंस के घर की ओर जाने नहीं दिया। इधर, लॉरेंस के चचेरे भाई संदीप समेत कुछ ग्रामीणों ने एतराज जताया और कहा कि जब लॉरेंस के परिवार समेत गांव के सभी लोग जांच में अधिकारियों का साथ दे रहे हैं तो पुलिस को गांव में भय का माहौल पैदा नहीं करना चाहिए।