मोगा के प्रबंधकीय कांप्लेक्स की चौथी मंजिल पर खालिस्तान का झंडा लगाने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की तीन टीमों ने पंजाब में तीन जगह दबिश दी। पहली टीम ने डीआईजी के नेतृत्व में मामले के मुख्य आरोपी जसपाल सिंह और इंद्रजीत सिंह निवासी गांव रौली के घर पर दबिश दी और जसपाल का लैपटॉप, पैन ड्राइव और हार्ड डिस्क आदि जब्त किया।
दूसरी टीम ने मामले के तीसरे आरोपी आकाशदीप सिंह निवासी गांव साधुवाला (फिरोजपुर) के घर और तीसरी टीम ने आरोपियों को पनाह देने वाले जगनप्रीत सिंह उर्फ जग्गा निवासी पक्खोवाल (लुधियाना) के घर दबिश दी। मोगा में जांच कर रही एनआईए की टीम ने मामले की केस फाइल भी ले ली है।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को दो युवकों ने मोगा में प्रबंधकीय कांप्लेक्स की चौथी मंजिल पर खालिस्तान का झंडा लगा दिया था। आरोपी प्रबंधकीय कांप्लेक्स में लगा राष्ट्रीय ध्वज उतारकर ले गए थे। आरोपियों ने इस पूरे वाकये का वीडियो भी बनाया था। इस मामले के कुछ ही दिन बाद मोगा पुलिस ने गांव रौली निवासी जसपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह, आकाशदीप सिंह निवासी गांव साधुवाला और आरोपियों को पनाह देने वाले जसपाल के रिश्तेदार जगनप्रीत सिंह जग्गा निवासी पक्खोवाल के खिलाफ राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने समेत यूएपीए एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
बाद में उक्त केस सरकार के आदेश पर जिला पुलिस से लेकर एनआईए को दे दिया गया था। इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एनआईए की टीम ने पंजाब में एक ही समय में तीन जगहों पर दबिश दी। सूत्रों के अनुसार एनआईए सिख फार जस्टिस के कानूनी सलाहकार आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का सहयोग कर पंजाब का माहौल खराब करने वालों की चेन को तोड़ने में लगी है।