पुलिस ने 360 पेजों में जुल्फिकार के कुकर्मों का लेखा-जोखा तैयार किया है। आप पढ़ेंगे तो शर्मसार हो जाएंगे। सेक्टर 11 थाना की पुलिस ने उसके खिलाफ चालान पेज कर दिया है। इसमें पुलिस ने जांच के दौरान हुए खुलासों से संबंधित कई सबूत भी पेश किए।
इनमें सबसे अहम खुलासा यह है कि आरोपी बच्चों से वर्ष 2002 से कुकर्म कर रहा था। पुलिस ने जुल्फिकार के खिलाफ अप्राकृतिक यौन शोषण, अश्लील कृत्य, धमकाने व पोक्सो एक्ट की धारा 8 व 15 के तहत चालान केस दर्ज किया था। पुलिस ने केस में पांच पीड़ित बच्चों को शिकायतकर्ता बनाया है।
साथ ही उनके बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कोर्ट में दिए गए उनके बयान, उनकी उम्र, जुल्फिकार के अश्लील कृत्यों की कुछ तस्वीरें बतौर सबूत पेश किए हैं। केस में 34 गवाह बनाए गए हैं। इनमें जांचकर्ता पुलिसकर्मियों के अलावा पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल करने वाले डाक्टर, बच्चों के अदालत में हुए मजिस्ट्रेट बयान समेत केस से जुड़े अन्य गवाह शामिल हैं।
एनजीओ को मिले पैसे से निजी प्रॉपटी खरीदता था
जुल्फिकार के खिलाफ उसी के साथ काम करने वाले कंवरपाल ने पुलिस को शिकायत दी थी। थाना पुलिस ने बीती 11 जुलाई को उसे गिरफ्तार किया था। केस में अभी सीएफएसएल रिपोर्ट आनी बाकी है। यह रिपोर्ट बरामद तस्वीरों समेत जुल्फिकार के कमरे से मिले सामान की फोरेंसिक जांच से जुड़ी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेएस सिद्धू की अदालत ने केस में अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है। इस दिन जुल्फिकार को चालान की कॉपी सौंपी जाएगी। संबंधित धाराओं में आरोप तय होने के बाद जुल्फिकार के खिलाफ केस का ट्रायल शुरू होगा।
पिछले 22 वर्ष से जुल्फिकार शहर में थियेटर एज नाम से एनजीओ चला रहा था। मूलरूप से यूपी के शाहजहांपुर निवासी जुल्फिकार को प्रशासन की ओर से सेक्टर-24 के सरकारी स्कूल में एनजीओ चलाने के लिए दो कमरे दिए गए थे। इसके अलावा वह ट्राइसिटी के लोगों से रद्दी और अन्य सामान एकत्र करता था।
इनसे मिलने वाले पैसे वह गरीब तबके के बच्चों की शिक्षा पर खर्च करता था। हालांकि इसका इस्तेमाल उसने अपने निजी कामों के लिए भी किया औरा इन पैसों से ही उसने शहर में कई जगह प्रापर्टी भी खरीदी।
नशा देकर करता था यौन शोषण
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित बच्चों के परिजनों ने हेल्पलाइन पर शिकायत दी। इसके बाद चाइल्ड राइट कमीशन के पास और भी बच्चों की शिकायतें आईं। शिकायतों के अनुसार जुल्फिकार कई वर्षों से बच्चों का यौन शोषण कर रहा था।
मामला पुलिस के पास पहुंचा तो जांच में पता चला कि जुल्फिकार बच्चों को नशा भी करवाता था और उन्हें ब्रांडेड कपड़ों और महंगे जूते देता था। इसके बाद वह उन्हें अपनी हवस का शिकार बनाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि जुल्फिकार रात को अपने सेक्टर-25 स्थित घर पर बच्चों को पढ़ाई के बहाने बुलाता था और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उनसे गलत हरकतें करता था।
सबसे अहम सबूत हुआ नष्ट
पुलिस के लिए केस में सबसे अहम वह मोबाइल था, जिससे उसके कृत्यों की फोटो खींची गई थी। थाना पुलिस के अनुसार वह मोबाइल आरोपी या उसके साथी नष्ट कर चुके हैं। पुलिस ने जुल्फिकार की गिरफ्तारी के बाद उसकी रिमांड के लिए इसी फोन को बरामद करने की दलील दी थी।
पुलिस के अनुसार इसी मोबाइल से आपत्तिजनक तस्वीरें ली गई थीं। पुलिस के अनुसार आरोपी ने शिकायतकर्ता के उस मोबाइल को छीन कर यूपी भिजवा दिया था, जिससे अश्लील तस्वीरें ली गई थीं।
जुल्फिकार के खिलाफ 5 अहम सबूत
- घर से मिली पोर्न सीडी और अन्य सामान
- बच्चों के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए बयान
- बच्चों के साथ दुष्कर्म की फोटो
- पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट और उनकी उम्र
- मेडिकल करने वाले चिकित्सकों के बयान
नोट- तस्वीरों और घर से मिले कुछ सामान के संबंध में सीएफएसएल की रिपोर्ट आनी बाकी है।