रोज गार्डन में 35 साल से भी अधिक पुरानी गुलाब की रेयर वेराएटी अंडर पास बनने के कारण खत्म हो गई। अब उनके स्थान पर कोलकाता, बंगलुरू, सहारनपुर की बड़ी नर्सरी से गुलाब के बुटे आएंगे। अंडर पास वाली जगह पर रीयर गुलाब की 100 किस्में थी। इनमें कामरा, मोनचेनी, कॉरनेट, ब्लैक रोज, ओरेंज स्टेशन, टिफनी, रॉयल शो जैसे रेयर किस्में थी। अब उनकी जैसी मिलती किस्में मंगवाई जा रही हैं। वहीं लगभग 42.25 एकड़ में फैले रोज गार्डन में आजकल रोज गार्डन में गुलाबों की कटिंग केचलते एक भी गुलाब दिखाई नहीं दे रहा है जबकि सीजन में रोज गार्डन में 830 किस्मों के गुलाबों की वैराएटी देखने को मिलती है। हजार से ऊपर क्यारियों में यहां केगुलाब दुनियाभर के पर्यटकों में मशहूर है।
बनाई जा रही है नई क्यारी
सेक्टर 17 की तरफ से एंट्री वाली जगह पर काफी संख्या में क्यारी थी जोअंडरपास की भेंट चढ़ गई थी। इनमें 100 वेरायटी के 300 गुलाब के बूटे थे। इन्हें बचाने के काफी प्रयास किए गए थे, लेकिन यह किस्में बच नही पाई। अब इन्हें अन्य राज्याें से मंगवाया जा रहा है। अंडर पास बन कर तैयार हो रहा है। इसकेपास अब नई क्यारी बनाई जाएंगी, जिसमें गुलाब के बूटाें को लगाया जाएगा।
स्टोन स्कलपचर के साथ सेल्फी
रोज गार्डन में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक खूबसूरत स्टोन स्कलपचर स्थापित किया गया है। इसे भोपाल के आर्टिस्ट रॉबिन ने तराशा है। लोगों के आकर्षण का केंद्र बने इस स्कलपचर के साथ खड़े होकर लोग सेल्फी ले रहे हैं। इसे चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की ओर से रखा गया है। अकादमी के चेयरमैन भीम मल्होत्रा ने बताया कि कुल तीन स्टोन स्कलपचर बनाए गए हैं जो सिटी में अलग-अलग जगह रखे गए हैं। इनमें एक रोज गार्डन में रखा गया है
रोज फेस्टिवल पर पहुंचते हैं पर्यटक
हर साल फरवरी में रोज फेस्टिवल होता है। इसे देखने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। तीन दिवसीय फेस्टिवल में काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। एशिया के सबसे बड़े गार्डन के नाम से यह रोज गार्डन जाना जाता है। यहां के गुलाबों की खुशबू और सुंदरता लोगों को खींच लाती है। फरवरी तक यह रोज गार्डन फिर से गुलाबों से महकता हुआ दिखाई देगा।