सेक्टर-10 में हुए हैंड ग्रेनेड हमले में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के डीजीपी के साथ एक रिपोर्ट साझा की है। इसके अनुसार, चंडीगढ़ में हुए ग्रेनेड हमले को नए आतंकी मॉड्यूल ने अंजाम दिया है। पाकिस्तान में छिपे बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा ने कनाडा में रह रहे खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लंडा के साथ अपने आतंकी मॉड्यूल को ऑपरेट करना बंद कर दिया है। अब उसने यूएस में बैठे हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियां के साथ नया आतंकी मॉड्यूल शुरू किया है। रिंदा और हैप्पी आने वाले समय में पंजाब में कई बड़ी वारदात करने की तैयारी में हैं। इसे लेकर पंजाब को अलर्ट किया गया है।
एनआईए ने यह रिपोर्ट पंजाब के अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान पुलिस के साथ भी साझा की है, क्योंकि आतंकी रिंदा की गतिविधियां इन राज्यों में भी देखी जा चुकी हैं। बीते साल अक्तूबर में पंजाब पुलिस ने हैप्पी पासियां के कई मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। नए आतंकी मॉड्यूल के 35 मुख्य हैंडलरों को पंजाब और अलग-अलग राज्यों से पकड़ा भी गया है। वहीं, लंडा मोहाली में पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर में हुए आरपीजी अटैक का मुख्य आरोपी है। एनआईए ने 15 लाख रुपये का इनाम रखा है। एनआईए ने बताया कि लंडा आतंकी गतिविधियों के साथ ही ड्रग्स, अवैध हथियार, फिरौती, टारगेट किलिंग के अपने दायरे को बढ़ाना चाहता था, इसलिए उसने रिंदा के साथ यह गठजोड़ तोड़कर अलग चलने का फैसला किया है। ब्यूरो/संवाद
रिंदा के निशाने पर कई अधिकारी व कारोबारी
आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के निशाने पर पंजाब के कई बड़े पुलिस अधिकारी व कारोबारी हैं। यह इनपुट कुछ समय पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को दे दिया था। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि इस आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर काैन-काैन है। सूत्रों का कहना है कि रिंदा व पासिया ने पंजाब के एक अन्य एसपी रैंक के अधिकारी को मारने की योजना बनाई है, सुरक्षा एजेंसियां इसकी भी जांच में जुट गई हैं। आतंकी रिंदा वर्ष 2022 से पूर्व एसपी जसकीरत सिंह चहल की हत्या की साजिश रच रहा है। इसमें उसकी मदद गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया कर रहा है। इस माॅड्यूल ने सितंबर 2023 के आखिरी सप्ताह में पंजाब के दो युवकों को पैसों का लालच देकर सेक्टर-10 की कोठी नंबर-575 की रेकी करवाई थी और अक्तूबर में चहल की हत्या करने योजना बनाई थी लेकिन मोहाली पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर तब इस साजिश को नाकाम कर दिया था। इस आतंकी माॅडयूल ने पंजाब सीआईए में तैनात पंजाब पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर को भी मारने के लिए उसकी गाड़ी में बम लगवा दिया था। इस साजिश को भी सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया था।
चहल की कोठी पर पंजाब पुलिस के जवान तैनात
ग्रेनेड हमले के बाद पंजाब पुलिस ने पूर्व एसपी जसकीरत सिंह चहल की कोठी पर सुरक्षा बढ़ा दी है। पांच जवानों को चहल की कोठी पर तैनात किया गया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को उनसे मिलने की अनुमति नहीं है। वर्ष 2017 में पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा हटा ली थी। अब इस हमले के बाद सुरक्षा हटाने संबंधी पंजाब सरकार को दी गई रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। उधर, कोठी नंबर-575 पर भी पुलिस तैनात है। यहां चार शिफ्ट में करीब 8-10 जवान ड्यूटी दे रहे हैं। कोठी में रहने वाले गोपेश मल्होत्रा दंपती खुद अपने ही घर में नजरबंद होकर रह गए हैं। घटना के बाद उनमें भय की स्थिति बनी हुई है।
हैप्पी ने पैसों का लालच दे तैयार किए स्लीपर सेल
अमृतसर। आरोपी रोहन मसीह से पूछताछ में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल को कई सूचनाएं मिली हैं। रोहन ने बताया कि हैप्पी ने आस-पास के इलाकों में युवाओं को पैसों का लालच देकर कई स्लीपर सेल तैयार किए हैं, जो उसके लिए पाकिस्तान से आने वाले हथियार, हेरोइन आदि को ठिकाने लगाने का काम करते हैं। इसके बदले में उन्हें मोटी रकम मिल रही है। हमले में शामिल रोहन का दूसरा साथी विशाल डेरा बाबा नानक का रहने वाला है। उसे पकड़ने के लिए छापे मारे जा रहे हैं।
पाकिस्तान भागने की तैयारी में था रोहन : मुख्य आरोपी रोहन और उसके साथी विशाल ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उन्हें विदेश से 5 लाख रुपये ऑफर किए गए थे लेकिन अभी तक 20 हजार रुपये ही मिले हैं। हमले के तुरंत बाद पुलिस सक्रिय हो गई थी। रोहन जम्मू-कश्मीर के रास्ते सीमा पार कर पाकिस्तान भागने की योजना बनाई थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हुअा। रोहन अमृतसर में ही एक होटल में छिपा था। अब वह डेरा बाबा नानक या रमदास क्षेत्र से किसी तरह भारतीय सीमा पार करना चाहता था। विशाल दिल्ली में छिपा हुआ था। संवाद