पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने नया रोडमैप तैयार कर यूनेस्को के सामने पेश किया है। स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई बैठक में प्रशासन ने हाईकोर्ट के हॉलिस्टिक डेवलपमेंट प्लान का संशोधित प्रस्ताव सौंपा है।
इसमें अतिरिक्त कोर्ट, वकीलों के चैंबर, पार्किंग और अन्य सुविधाओं का निर्माण शामिल है। यूनेस्को की टीम ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और अब आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यूटी प्रशासन ने 6 सितंबर को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुई यूनेस्को की बैठक में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के लिए नई विकास योजना पेश की। इसमें यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव कुमार मेहता और सीनियर आर्किटेक्ट संगीता बग्गा शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक अब योजना में निर्माण का दायरा घटाकर सिर्फ दो लाख वर्ग फुट किया गया है। इसमें 16 नए कोर्ट, वकीलों के चैंबर, कैफेटेरिया, पार्किंग और प्रशासनिक ब्लॉक बनाए जाएंगे। यह सब मौजूदा हाईकोर्ट परिसर में लेकिन धरोहर इमारतों से दूरी पर होंगे।
जगह की कमी को देखते हुए बहुमंजिला इमारतें बनाने की योजना है क्योंकि हाईकोर्ट में रोजाना 10 हजार वकील, 3300 कर्मचारी, हजारों याचिकाकर्ता और करीब 10 हजार वाहन आते हैं। अधिकारियों के अनुसार यूनेस्को की टीम ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि बैठक के मिनट्स ऑफ मीटिंग 20 दिन में आ सकते हैं, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईकोमोस ने पुरानी योजना पर जताई थी आपत्ति
इससे पहले यूनेस्को और उसकी संस्था इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (आईकोमोस) ने पुरानी योजना पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इससे कैपिटल कॉम्प्लेक्स की विश्व धरोहर वाली पहचान (ओयूवी) को नुकसान हो सकता है। इसी वजह से यहां अंडरग्राउंड पार्किंग और एसी चिलर प्लांट जैसी योजनाएं भी रोकी गई थीं। पिछले महीने हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट इम्प्लॉइज एसोसिएशन के सचिव विनोद धत्तरवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यूटी प्रशासन से स्पष्ट करने को कहा था कि क्या विकास योजना को यूटी प्रशासन और हेरिटेज कमेटी दोनों से मंजूरी मिली है, खासकर तब जब कोर्टरूम की संख्या घटा दी गई है।
प्रशासन ने कराया था हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट
इससे पहले यूटी प्रशासन ने परियोजना के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए हेरिटेज इम्पैक्ट असेसमेंट (एचआईए) कराया था। 2023 की आईकोमोस समीक्षा में हाईकोर्ट की पिछली ओर की ग्रीन बेल्ट और खुली जगहों को संरक्षित करने पर जोर दिया गया था। हालांकि, समीक्षा में यह भी स्वीकार किया गया कि मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विस्तार की अनिवार्यता है।