मुल्लापुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
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नवनिर्मित मुल्लापुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम अब महाराजा यादविंदर सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। 1934 में भारत के लिए एकमात्र टेस्ट मैच खेलने वाले यादविंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पिता थे। यह फैसला पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के एपेक्स कमेटी के सदस्य की शनिवार को मोहाली के पीसीए स्टेडियम में हुई बैठक में लिया गया। मीटिंग की अध्यक्षता पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान राजिंदर गुप्ता ने की। इसमें पीसीए के सेक्रेटरी पुनित बाली भी शामिल रहे।
इस महत्वपूर्ण फैसले के अलावा बैठक में नए सेशन में 40 क्रिकेट खिलाड़ियों का अनुबंध किया गया। इनमें 30 पुरुष और 10 महिला क्रिकेटर शामिल हैं। साथ ही पीसीए स्टेडियम मोहाली को अपग्रेड करने का भी फैसला लिया गया। एपेक्स कमेटी ने पीसीए अपग्रेड करने के लिए 6 से 10 करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दी हैं। अपग्रेड सुविधाओं में पीसीए में इंटरनेशनल लेवल की क्रिकेट अकादमी की स्थापना की जा रही है। प्लेयर्स के ड्रेसिंग रूम, क्लब हाउस को और बेहतर किया जा रहा है।
चयनकर्ताओं के वेतन में भी बढ़ोतरी
पीसीए ने चयनकर्ताओं के वेतन में भी बढ़ोतरी कर दी है। अब सीनियर चयनकर्ताओं को अब 7 लाख रुपये और जूनियर चयनकर्ताओं को 5 लाख रुपये मिलेंगे।
मुल्लापुर स्टेडियम में क्या खास
मुल्लापुर में भव्य क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया गया है। भविष्य में यहां पर इंटरनेशनल मैच होंगे। साथ ही आईपीएल के मुकाबलों के लिए भी यह आदर्श आयोजन स्थल होगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- कोरोना काल में लगातार काम करने वाले मालियों पर स्पोर्ट्स स्टाफ को 40 हजार रुपये देने का फैसला।
- पंजाब में जिलों की ग्रांट भी बढ़ा दी गई है। अब बड़े जिले को 12 लाख और छोटे जिले को 8 लाख रुपये मिलेंगे।
- जालंधर के स्टेडियम को अपग्रेड करने के लिए पीसीए 70 लाख रुपये देगा।
- पीसीए अब सीधे तौर पर जिला स्तर के कोचों को सीधे नियुक्त करेगा।