केंद्र सरकार ने गत सितंबर माह के दौरान लागू किए मोटर व्हीकल (संशोधन) एक्ट 2019 के सेक्शन 185 में ड्रंकन ड्राइव के लिए जुर्माना राशि को 2000 रुपये से बढाकर 10000 रुपये या छह माह कैद कर दिया था। दूसरी बार ड्रंकन ड्राइव का दोषी पाए जाने पर जुर्माना 15000 रुपये या दो साल कैद का प्रावधान किया गया था।
लेकिन पंजाब सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा गुरुवार को नोटिफिकेशन में केंद्रीय एक्ट को राज्य में लागू करते हुए इसमें से सेक्शन 185 को सिरे से हटा दिया गया। इसके स्थान पर सेक्शन 186 जोड़ा गया है, जिसमें ऐसी हालत में वाहन चलाना, कि चालक की मानसिक या शारीरिक स्थिति ठीक न हो तो पहली बार 1000 रुपये का जुर्माना और दूसरी बार 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मोबाइल फोन इस्तेमाल पर जुर्माना 2000 रुपये
खतरनाक ड्राइविंग (सेक्शन 184) के केंद्रीय एक्ट के प्रावधान में पंजाब सरकार द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी जोड़ दिया गया है लेकिन जुर्माना राशि को 5000 रुपये से घटाकर 2000 रुपये कर दिया गया है। हालांकि दूसरी बार पकड़े जाने पर यह जुर्माना राशि सीधे 10000 रुपये वसूली जाएगी। ट्रिपल राइडिंग के मामले में, पहली बार 1000 रुपये जुर्माना और तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा और दूसरी बार पकड़े जाने पर भी इतनी ही सजा होगी। केंद्रीय एक्ट में इस मामले में जुर्माना राशि 2000 रुपये रखी गई है।
इन मामलों में बढ़ाया जुर्माना
- ओवरस्पीडिंग और रेसिंग पर: पहली बार 5000 रुपये दूसरी बार 10000 रुपये।
- फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस को रास्ता न देने पर: हर बार 10000 रुपये जुर्माना और 3 माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड।
- बिना इंशोरेंस ड्राइविंग: पहली बार 2000 रुपये, दूसरी बार 4000 रुपये।
- बिना ड्राइविंग लाइसेंस : हर बार 5000 रुपये
- सड़क नियम तोड़ने पर : पहली बार 500 रुपये दूसरी बार 1000 रुपये
- ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर : पहली बार 500 रुपये दूसरी बार 1000 रुपये
- ड्राइविंग के दौरान धुम्रपान : पहली बार 500 रुपये दूसरी बार 1000 रुपये
- शहरी क्षेत्र में गलत पार्किंग : पहली बार 500 रुपये दूसरी बार 1000 रुपये
- सन फिल्म का अनाधिकृत प्रयोग : पहली बार 1000 रुपये दूसरी बार 1500 रुपये
- शहरी क्षेत्र में लो-बीम पर नहीं चलना : पहली बार 500 रुपये दूसरी बार 600 रुपये