बीएस संधू, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा
हरियाणा में नए डीजीपी की नियुक्ति लटक गई है। नियुक्ति होने तक फिलहाल डीजीपी का जिम्मा बीएस संधू के पास ही रहेगा। स्टॉप गैप अरेंजमेंट के तहत सरकार ने यह निर्णय लिया है। वैसे डीजीपी पद पर दो सेवा विस्तार के बाद संधू का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो गया। नए डीजीपी की नियुक्ति इससे पहले होने की संभावना थी, लेकिन यूपीएससी को पैनल ऐन मौके पर जाने से नियुक्ति नहीं हो पाई।
गुरुवार को दिल्ली में यूपीएससी की बैठक नियुक्ति को लेकर होने की उम्मीद थी, मगर बैठक नहीं हुई। बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है। तारीख निर्धारित होने पर यूपीएससी की ओर से हरियाणा सरकार को भी जानकारी दी जाएगी। यूपीएससी के साथ बैठक में हरियाणा के उच्च अधिकारी भी भाग लेंगे। नियुक्ति में हफ्ता-दस दिन का समय लग सकता है। गृह सचिव एसएस प्रसाद ने बताया कि यूपीएससी की बैठक में ही तीन प्रमुख नामों का पैनल फाइनल होगा।
उसमें से एक नाम को डीजीपी पद के लिए चुना जाएगा। नियुक्ति यूपीएससी के नियमानुसार ही होगी। गुरुवार शाम को 1988 बैच के आईपीएस मनोज यादव के डीजीपी बनने की अफवाह भी उड़ी थी, लेकिन सीएम मनोहर लाल ने उस पर यह कहकर विराम लगा दिया था कि अभी नियुक्ति नहीं हुई है। मनोज यादव केंद्र में डेपुटेशन पर कार्यरत हैं। जबकि सीनियर आईपीएस एसएस देसवाल भी डेपुटेशन पर ही हैं।
उनसे भी प्रदेश सरकार ने डीजीपी के पद को लेकर यूपीएससी के कहने पर सहमति ली हुई है। नियुक्ति के लिए होने वाली बैठक में यूपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ ही हरियाणा के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय गृह सचिव या उनके प्रतिनिधि और केंद्र सरकार का एक आईपीएस अफसर शामिल रहेगा।
पुलिस महानिदेशक की दौड़ में पहले डीजीपी रह चुके डॉ. केपी सिंह, जेल महानिदेशक के सेल्वराज, मधुबन में महानिदेशक केके सिंधू, राज्य सतर्कता ब्यूरो के महानिदेशक पीआर देव, डीजी पुलिस मुख्यालय केके मिश्रा व डीजी अपराध पीके अग्रवाल भी शामिल हैं।