न्यू चंडीगढ़ जल्द ही पंजाब का एक नया लग्जरी हब बनने जा रहा है। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने यहां करीब 317 एकड़ जमीन पर एक महत्वाकांक्षी लो-डेंसिटी और हाई-एंड रेजिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बनाई है। यह मोहाली के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद आधुनिक सुविधाओं से लैस एक ऐसी टाउनशिप बनाना है जो भीड़-भाड़ से दूर हो और जिसमें हरित क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई हो। इससे न सिर्फ न्यू चंडीगढ़ की तस्वीर बदलेगी बल्कि यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी एक आकर्षक गंतव्य बनेगा।
पर्यावरण पर खास ध्यान
इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर गमाडा काफी सतर्क है। भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरणीय मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए एक विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन किया जा रहा है जिसमें निम्नलिखित पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसमें निर्माण कार्य और भविष्य में वाहनों से होने वाले प्रदूषण का आकलन, पानी की उपलब्धता, उपयोग और भू-जल स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव, वनस्पति और जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन, ठोस कचरे के निपटान की व्यवस्था, निर्माण और यातायात से होने वाले शोर का मापन, भवनों में बिजली और संसाधनों की खपत कम करने के उपाय आदि शामिल हैं। इस अध्ययन के नतीजों के आधार पर ही मंत्रालय प्रोजेक्ट को हरी झंडी देगा।
गमाडा का दावा है कि इस प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग स्टैंडर्ड का सख्ती से पालन होगा जिसमें वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र और सौर ऊर्जा का उपयोग अनिवार्य होगा।
मोहाली के विकास की दिशा बदलेगा प्रोजेक्ट
- रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊंचाई –उच्च स्तरीय अपार्टमेंट्स और लो-डेंसिटी हाउसिंग से निवेशकों का ध्यान आकर्षित होगा।
- रोजगार के अवसर–निर्माण कार्यों के दौरान हजारों मजदूरों को काम मिलेगा।
- आर्थिक विकास–प्रॉपर्टी टैक्स, सेवाओं और निवेश से सरकार की आय बढ़ेगी।
- शहरीकरण का नया मॉडल–यह प्रोजेक्ट न्यू चंडीगढ़ को एक प्लान्ड सिटी के रूप में स्थापित करेगा।
- प्रतिस्पर्धा और प्रेरणा–मोहाली का यह प्रोजेक्ट भविष्य में पंजाब के अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनेगा।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी हैं। मंजूरी मिलने के बाद अगले साल तक यह प्रोजेक्ट जमीन पर दिखाई देगा।
- अमनिंदर सिंह मल्ली. अतिरिक्त मुख्य प्रशासक (एसीए) गमाडा