हिमाचल के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थान संचालकों से ढाई करोड़ की रिश्वत मांगने के मामले में फंसे शिमला ईडी के सहायक निदेशक विशालदीप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2012-17 के बीच में करीब 181 करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला हुआ था। इस मामले में सीबीआई ने जांच कर वर्ष 2019 में हिमाचल के 29 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। साथ ही इस मामले में धन शोधन का भी एक मामला शिमला ईडी द्वारा दर्ज किया गया था जिसकी जांच मौजूदा समय में शिमला सब जोनल कार्यालय के सहायक निदेशक विशालदीप द्वारा की जा रही थी।
अब 3 जनवरी को सीबीआई में केस दर्ज करवाने वाले रजनीश बंसल के बेटे मन्नत बंसल को उनके मोबाइल पर 351965275166 नंबर से एक व्हाट्सएप कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रोहित गुर्जर बताया। रोहित गुर्जर ने धमकी दी कि तुम और तुम्हारा परिवार जो कुछ भी कर रहे हैं, वह तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए अच्छा नहीं है। या तो इसे बंद करो अन्यथा हम तुम्हें मार देंगे। धमकी मिलने पर मन्नत डर गया और उसने फोन बंद कर दिया। उसने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को धमकी के बारे में बताया। इसके बाद, रोहित गुर्जर ने मन्नत को फिर से कॉल करना शुरू कर दिया लेकिन डर के कारण उसने फोन नहीं उठाया। फिर रोहित ने युवक को कई व्हाट्सएप संदेश भेजे, जिसमें आवेदक के घर लाडवा में होने की जानकारी दी गई। गुर्जर ने विभिन्न मोबाइल नंबरों से आवेदक के मोबाइल पर बहुत सारे फोन और मैसेज किए। उसने मैसेज में लिखा कि तेरी सारी डिटेल मेरे पास है। कॉल करने वाला रोहित गुर्जर, प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक विशालदीप के विशेष निर्देशों पर धमका रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विशालदीप व रोहित गुज्जर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।