छात्रों का हॉस्टल वार्डन पर आरोप है कि बुधवार रात साढ़े आठ बजे छात्र हेमंत कुमार को खाना खाने के बाद पेट में तेज दर्द हुआ लेकिन हॉस्टल वार्डन वहां मौजूद नहीं था। इलाज में देरी होने के चलते हेमंत की मौत हो गई। आरोप यह भी है कि यूनिवर्सिटी में छात्र को प्राथमिक उपचार देने के लिए ना कोई डॉक्टर था और ना एंबुलेंस।
छात्र को एक कार से अस्पताल ले जाया गया। वहीं केयरटेकर एवं एडिशनल इंचार्ज सलिंदर कुमार राय का कहना है कि बुधवार रात साढ़े आठ बजे हेमंत को खाना खाने के बाद पेट दर्द की शिकायत हुई थी। समय पर इलाज ना मिलने के कारण हेमंत की मौत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी में नेपाल से करीब 300 स्टूडेंट पढ़ने के लिए हॉस्टल में रह रहे हैं। उन्होंने हॉस्टल वार्डन को जिम्मेदार ठहराया।
सभी आरोप बेबुनियाद: वीसी चावला
वीसी चावला का कहना है कि देर रात सूचना मिली थी कि एक छात्र की हार्ट अटैक से मौत हुई है लेकिन मौत के असल कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद पता चलेंगे। उन्हें इस बात का बेहद दुख है लेकिन इस हादसे की एवज में कुछ शरारती किस्म के छात्रों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कैंपस में पड़े पैमाने पर नुकसान किया।
ऐसे माहौल खराब करने वाले लोगों के खिलाफ वह पुलिस कार्रवाई करवाएंगे। छात्रों की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। कैंपस में अपनी डिस्पेंसरी और एंबुलेंस 24 घंटे सेवा में रहती है। हमने ही छात्र को अपने साधन से अस्पताल पहुंचाया था। वहीं यूनिवर्सिटी के मालिक हुक्म चंद बांसल ने कहा कि वह इलाज के लिए हैदराबाद से वापस आ रहे हैं जो भी हुआ उन्हें अफसोस है।
यूनिवर्सिटी के फीलिंग स्टेशन दफ्तर में तोड़फोड़, हादसा टला
बुधवार रात को रिमट यूनिवर्सिटी में छात्र की मौत के बाद छात्र आक्रोश में आए तो उन्होंने यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित पेट्रोल एवं डीजल पंप दफ्तर समेत कई बसों में तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ के दौरान पंप में आग लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।