चंडीगढ़। देवी को खुश करने के लिए बलि चढ़ाई गई बच्ची के परिवार को डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) ने 10 लाख रुपये मुआवजा दिया। फरवरी 2018 में चाकू से गला रेतकर चार साल की बच्ची की हत्या कर दी गई थी।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक संजय कॉलोनी निवासी आरोपी कमलेश ने अदालत में बताया था कि किसी ज्योतिषी के कहने पर देवी को खुश करने के लिए वह बच्ची की बलि देना चाहता था। कमलेश सेक्टर-51 में एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। अदालत ने 12 सितंबर 2019 को कमलेश को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। डीएलएसए के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव अशोक कुमार मान ने पीड़ित सहायता योजना 2012 के तहत यह राशि दी है।
एफआईआर के मुताबिक बच्ची उजाला अपने माता-पिता, बड़े भाई, भाभी और उनके दो बच्चों के साथ रह रही थी। दोषी और पीड़िता का परिवार आसपास झोपड़ी में रहता था। शिकायत के अनुसार घटना वाले दिन बच्ची के पिता घर पर नहीं थे। बच्ची अपनी झोपड़ी के बाहर खेल रही थी। परिवार के बाकी सभी सदस्य टीवी देख रहे थे। इसी बीच उनके पड़ोसी ने आकर उजाला की मां को बताया कि कमलेश बच्ची का चाकू से गला काट रहा है। पूरे परिवार के सदस्य जब पहुंचे तो कमलेश ने हाथ से चाकू और दूसरे हाथ से बच्ची को पकड़ रखा था। परिवार और पड़ोसियों ने बच्ची को छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन उसने बच्ची का गला काट दिया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश और स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के कार्यकारी अध्यक्ष जसवंत सिंह ने निर्देश दिए थे कि जिन मामलों में मुआवजे देने हैं, उनमें देरी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद डीएलएसए ने 9 अगस्त 2020 को इस मामले से संबंधित फाइल ली और 13 अगस्त को मुआवजा दे दिया गया।