चंडीगढ़। पंजाब के जिला गुरदासपुर के आहलूवाल गांव निवासी सविंदर सिंह ने सोमवार को डीजीपी संजय बेनीवाल को पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या हुई है, लेकिन पुलिस आरोपी को बचाने में लगी है। सविंदर सिंह ने अपने बेटे की हत्या का आरोप पड़ोस में रहने वाले बहादुर सिंह पर लगाया है। वहीं, पुलिस पीड़ित की बहू के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है।
डीजीपी को दिए पत्र में पीड़ित ने बताया है कि चंडीगढ़ सेक्टर-41 स्थित एजी पंजाब के फ्लैट नंबर 2161 बी में उनका बेटा गुरदेव सिंह अपनी पत्नी के साथ रहता था। गुरदेव सिंह का यह दूसरा विवाह था। उसके साथ वाले फ्लैट नंबर 2158 में बहादुर सिंह रहता है। सविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि गुरदेव सिंह ने कई बार शिकायत की थी कि उसकी पत्नी और बहादुर सिंह के बीच नाजायज संबंध थे। जिस कारण उसके घर पर झगड़ा होता रहता था। उधर, गुरदेव की पत्नी ने गुरदासपुर थाने में तलाक और पर्चा दर्ज करवाने के लिए शिकायत भी की थी, लेकिन बाद में दोनों फिर चंडीगढ़ में इकठ्ठा रहने लगे। सविंदर सिंह ने बताया कि 14 जुलाई को बहादुर सिंह ने फ़ोन करके उनके बेटे की मौत की जानकारी दी और चंडीगढ़ में ही दाह संस्कार करने की बात कही। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक गुरदेव सिंह के गले पर निशान देख तत्काल पुलिस को शिकायत दी गई। पोस्टमार्टम के बाद गांव में गुरदेव का दाह संस्कार किया गया। उसी रात गुरदेव सिंह के बेटे की सदमे से मौत हो गई। इस दौरान आरोपी ने पुलिस की मिलीभगत से मृतक की पत्नी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाकर अदालत में चालान पेश करवा दिया। पीड़ित ने डीजीपी से मामले में इंसाफ की गुहार लगाई है। डीजीपी ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।