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Weather News: कौशल्या नदी के तेज बहाव में फंसा युवक, NDRF ने निकाला, सुखना का फ्लड गेट खोलना पड़ा

Mon, 26 Sep 2022 01:40 AM IST
ajay kumar अमर उजाला/संवाद, पिंजौर/चंडीगढ़

सार

सुखना कैचमेंट एरिया से लगातार बारिश का पानी आने के चलते सुखना लेक का जलस्तर रविवार शाम एक बार फिर खतरे के निशान 1163 फीट के करीब पहुंच गया। इस वजह से प्रशासन को सुखना का फ्लड गेट फिर से खोलना पड़ा।
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युवक को बचाती एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कौशल्या नदी में स्थिति मंदिर में पूजा करने गया एक युवक अचानक नदी के तेज बहाव के कारण बीच में एक ऊंची जगह पर ही फंस गया और उसके दोनों ओर पानी का तेज बहाव था। इसकी सूचना पर एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाकर नदी से बाहर निकाला। 

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युवक की पहचान 24 वर्षीय अंकित कुमार के रूप में हुई है और वह मूलरूप से जिला हाथरस (यूपी) का निवासी है।  एनडीआरएफ टीम के कमांडर इंस्पेक्टर अशोक शर्मा ने बताया कि जब उन्हें युवक के नदी के बीच में फंसे होने की सूचना मिली तो वह अपनी टीम के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पहुंचकर मौके का मुआयना किया इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे रोप-वे का तरीका अपनाया और रस्सी का इस्तेमाल कर रेस्क्यू ऑपरेशन किया। 

करीब डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन में उसको सुरक्षित नदी के किनारे पर लाया गया। युवक अंकित कुमार ने बताया कि वह मंदिर में पूजा करने जा रहा था तो इसी दौरान अचानक परवाणु की ओर से नदी में पानी का तेज बहाव आ गया और वह नदी के बीच में ऊंची जगह (टापूनुमा) पर फंस गया, जबकि उसके दोनों और तेज बहाव से पानी बह रहा था। उसने शोर मचाया तो लोगों ने इसकी सूचना एनडीआरएफ की टीम को दी। अशोक शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू करने के बाद टीम ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया है।

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युवक से पूछताछ करती एनडीआरएफ की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खतरे के निशान के करीब पहुंचा सुखना का जलस्तर फिर खोलना पड़ा फ्लड गेट
सुखना कैचमेंट एरिया से लगातार बारिश का पानी आने के चलते सुखना लेक का जलस्तर रविवार शाम एक बार फिर खतरे के निशान 1163 फीट के करीब पहुंच गया। इस वजह से प्रशासन को सुखना का फ्लड गेट फिर से खोलना पड़ा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ एक गेट ही खोला गया था। लेक में अभी भी पानी खतरे के निशान के करीब बना है।

यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि रविवार शाम साढ़े चार बजे एक फ्लड गेट खोला गया और पानी को छोड़ा गया। मोहाली व पटियाला के अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि पहले ही वह अपनी तैयारी रख सकें। फ्लड गेट खोलने के दौरान मौके पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। ये भी सुनिश्चित किया गया कि सुखना चो के पास कोई न हो। इससे पहले भी पांच अगस्त और 31 जुलाई और 17 जुलाई को सुखना का फ्लड गेट खोलना पड़ा था।


 
कौशल्या डैम में अधिक पानी भरने पर खोले दो गेट
उधर, कौशल्या डैम प्रबंधन ने डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा। पानी छोड़ने से पहले नियम के मुताबिक सायरन बजाकर डैम के नजदीक रहने वाले लोगों को सूचित किया गया। बता दें कि डैम का जलस्तर इसकी भंडारण की अधिकतम सीमा 478 तक पहुंचने से पहले ही डैम के दो गेट खोलकर पानी रिलीज कर दिया गया। डैम का टॉप लेवल 478 मीटर है। इस लेवल को मेंटेन रखने के लिए डैम के दो गेट सक्रिय कर रखे हैं।
 
कौशल्या डैम में अधिक पानी बढ़ने की स्थिति में इसके गेट पांच सेंटीमीटर ऊपर तक उठा देते हैं। इससे पानी रिलीज हो जाता है और डैम के पानी का टॉप लेवल मेंटेन रहता है। इसके अलावा डैम से पानी सप्लाई पंचकूला को लगातार दी जा रही है। - बलविंदर शर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग।
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