युवक से पूछताछ करती एनडीआरएफ की टीम।
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खतरे के निशान के करीब पहुंचा सुखना का जलस्तर फिर खोलना पड़ा फ्लड गेट
सुखना कैचमेंट एरिया से लगातार बारिश का पानी आने के चलते सुखना लेक का जलस्तर रविवार शाम एक बार फिर खतरे के निशान 1163 फीट के करीब पहुंच गया। इस वजह से प्रशासन को सुखना का फ्लड गेट फिर से खोलना पड़ा। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ एक गेट ही खोला गया था। लेक में अभी भी पानी खतरे के निशान के करीब बना है।
यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि रविवार शाम साढ़े चार बजे एक फ्लड गेट खोला गया और पानी को छोड़ा गया। मोहाली व पटियाला के अधिकारियों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है ताकि पहले ही वह अपनी तैयारी रख सकें। फ्लड गेट खोलने के दौरान मौके पर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। ये भी सुनिश्चित किया गया कि सुखना चो के पास कोई न हो। इससे पहले भी पांच अगस्त और 31 जुलाई और 17 जुलाई को सुखना का फ्लड गेट खोलना पड़ा था।
कौशल्या डैम में अधिक पानी भरने पर खोले दो गेट
उधर, कौशल्या डैम प्रबंधन ने डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा। पानी छोड़ने से पहले नियम के मुताबिक सायरन बजाकर डैम के नजदीक रहने वाले लोगों को सूचित किया गया। बता दें कि डैम का जलस्तर इसकी भंडारण की अधिकतम सीमा 478 तक पहुंचने से पहले ही डैम के दो गेट खोलकर पानी रिलीज कर दिया गया। डैम का टॉप लेवल 478 मीटर है। इस लेवल को मेंटेन रखने के लिए डैम के दो गेट सक्रिय कर रखे हैं।
कौशल्या डैम में अधिक पानी बढ़ने की स्थिति में इसके गेट पांच सेंटीमीटर ऊपर तक उठा देते हैं। इससे पानी रिलीज हो जाता है और डैम के पानी का टॉप लेवल मेंटेन रहता है। इसके अलावा डैम से पानी सप्लाई पंचकूला को लगातार दी जा रही है। - बलविंदर शर्मा, एसडीओ सिंचाई विभाग।