कभी नशे की गिरफ्त में आकर मौत के मुहाने तक जा पहुंचे जिले के गांव नबीपुर के युवक को चिकित्सकों ने नया जीवन दिया है। अब वह अपनी जिन्दगी को नए सिरे से जीने की तमन्ना रखता है। चिकित्सकों के प्रयास से हालत में सुधार के बाद खुद को जिंदादिल महसूस करने वाले इस युवक ने जब अपनी कहानी सुनाई तो इस बात का खुलासा हुआ कि सूबे के ग्रामीण इलाकों में नशे की जड़ें बेहद गहरी हो चुकी हैं।
डा. अबरोल सुपर स्पेशियालिटी सेंटर के चिकित्सकों की टीम के नेतृत्व में उपचाराधीन युवक ने बताया कि नशे की गिरफ्त में आने के कारण वह करीब सवा महीने नशा छुड़ाओ केंद्र नबीपुर रोड़ में भी भर्ती था। पिता के स्वर्गवास के बाद उसकी मां भी बीमार रहती है। ऐसे में वह अपने परिवार का एक जिम्मेदार सदस्य है, लेकिन नशे की लत लगने से उसका पूरा परिवार प्रभावित हुआ।
उसकी करीब 6 एकड़ जमीन भी ठेके पर दे दी गई है। उसने खुलासा किया कि गांव नबीपुर में हर दूसरा व्यक्ति नशे का लती है। स्मैक, हेरोइन सरीखे मादक पदार्थ गांव में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। अब ठीक होने के बाद वह वापस अपने घर जाना चाहता है, जबकि डाक्टर उसे नशा छुड़ाओ केंद्र भेजना चाहते हैं।
डा. अबरोल सुपर स्पेशियालिटी सेंटर के एमडी डा. अबरोल का कहना है कि युवक को बेहद नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। उसे सिविल अस्पताल से अमृतसर रेफर कर दिया गया था। जब मरीज आया तो मरीज का शरीर नील पड़ चुका था। सांस नाम मात्र चल रही थी। मरीज लंबे से हेरोइन ले रहा था।
नाजुक हालत के बावजूद अस्पताल के डा. अबरोल, डा. सतपाल, डा. दलजीत, डा. किरण, डा. अमन की टीम ने उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि पहले ऐसे मरीजों को इलाज के लिए अमृतसर जैसे बडे़ शहरों में ले जाना पड़ता था, लेकिन कुछ रास्ते में ही दम तोड़ जाते थे। मरीजों की इसी जरूरत को देखते वे जिले में ही बेहरत चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।