स्वागत की तैयारियां शुरू
सिद्धू परिवार के करीबी व कांग्रेस नेता नरिंदर पाल लाली ने बताया कि सिद्धू के स्वागत के लिए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। लड्डुओं का ऑर्डर कर दिया है और शहर में जगह-जगह स्वागत में बैनर व फ्लैक्स लगाए जाएंगे। जगह-जगह गेट लगाकर उनका स्वागत किया जाएगा। पूरी-छोले, कड़ाह, दूध का लंगर लगाया जाएगा। लड्डू बांटे जाएंगे।
रिहाई से पहले चार पूर्व प्रधानों ने जेल में की सिद्धू से मुलाकात
जेल में बंद नवजोत सिद्धू से शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के चार पूर्व प्रधानों ने करीब पौने घंटे तक मुलाकात की। इनमें लाल सिंह, मोहिंदर सिंह केपी, शमशेर सिंह दूलों व प्रताप सिंह बाजवा शामिल रहे। बाजवा वर्तमान में विरोधी दल के नेता भी हैं। सिद्धू के करीबी लाली ने बताया कि सुबह करीब सवा 10 बजे चारों पूर्व प्रधान जेल में सिद्धू से मिलने पहुंचे और यह मुलाकात करीब 11 बजे तक चली।
सिद्धू के काफिले का प्रस्तावित रूट
सिद्धू के वकील एचपीएस वर्मा के मुताबिक सिद्धू काफिले के साथ जेल रोड से गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब के सामने से होते हुए 21 नंबर पुल, वहां से लीला भवन और फिर फव्वारा चौक से यादविंदरा कालोनी स्थित अपनी कोठी में जाएंगे। इस दौरान वह गुरुद्वारा श्री दुखनिवारण साहिब व काली माता मंदिर में माथा टेकने के लिए नहीं रुकेंगे।
ऐसे चला मामला
- 27 दिसंबर, 1988 को सिद्धू ने कथित तौर पर सड़क पर एक झगड़े के दौरान पटियाला निवासी गुरनाम सिंह के सिर पर वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
- 22 सितंबर, 1999 को पटियाला के सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने सिद्धू और उनके सहयोगी को मामले में साक्ष्य की कमी और संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।
- 2006 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सिद्धू को दोषी ठहराया और तीन साल कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद सिद्धू ने इस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी।
- 19 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल तीन दशक पुराने रोड रेज मामले में सिद्धू को एक साल कैद की सजा सुनाई थी।