चूंकि उन्होंने कब्जाए हुए सरकारी बंगले के लिए 1.29 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा नहीं कराई है, इसलिए सरकार की ओर से उन्हें उप चेयरपर्सन के तौर पर नया सरकारी आवास भी अलॉट नहीं किया जा रहा। दरअसल भट्ठल के पास इस समय जो सरकारी बंगला नंबर 8 सेक्टर 2 में है, वह अकाली-भाजपा सरकार के समय मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अलॉट किया था। तब उन्हें यह बंगला बतौर विधायक दिया गया था लेकिन 2017 में विधानसभा चुनाव हारने के बाद वे अब विधायक भी नहीं हैं।
पंजाब सरकार के ही एक अन्य विधायक राणा गुरजीत सिंह का नाम भी इस फेहरिस्त में शामिल रहा है। रेत खड्डों की नीलामी में घिरने के बाद राणा गुरजीत सिंह ने बिजली मंत्री का पद तो छोड़ दिया लेकिन मंत्री के तौर पर मिले सरकारी बंगले पर कब्जा जमाए रखा। इसे लेकर मीडिया में जब नया विवाद खड़ा हुआ तो उन्होंने सरकारी बंगला तो छोड़ दिया लेकिन सरकार ने उनसे कोई पेनल्टी वसूल नहीं की।
खैरा ने खाली किया बंगला: सुखपाल सिंह खैरा ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद छिनने के बाद सेक्टर 16 में अलॉट किया गया सरकारी बंगला भी तुरंत खाली कर दिया था।