मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की शायरी तो आपने कई बार सुनी होगी। उनका ठोको ताली वाला अंदाज़ भी आपने कई बार सुना होगा। लेकिन मंत्री सिद्धू का ये अंदाज़ आपने यकीनन कहीं नहीं देखा होगा। मंत्री बनने के बाद पहली बार जालंधर आए थे और उनकी प्रेसवार्ता में ठोको ताली, हंसी के ठहाकों से लेकर शेर-ओ-शायरी चलती रही। इस दौरान कैप्टन की तारीफों के पुल, उनको अपनी टीम का कप्तान कहकर पिता का दर्जा देना भी नवजोत सिंह नहीं भूले।
बोले मुझे कैप्टन कहते हैं कि पुत्तर शानदार कम कर, इक वार दिखा दे। मैं जो करुंगा कैप्टन साहब मना नहीं करेंगे, पर मैं हर कम पूछ के करुंगा वो हमारी टीम के कप्तान हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने जालंधर में पहुंचे तो उनके स्वागत में लुधियाना से विधायक राकेश पांडे, जालंधर के पांचों विधायक, अमृतसर से इंदरबीर सिंह बुलारिया, राजकुमार वेरका थे। उन्होंने जालंधर से पांचों विधायकों की एक एक मिनट बात सुनने के बाद कहा कि लाओ आज ऑन स्पॉट फैसला कर लित्ता जावे।
सिद्धू ने माइक पकड़कर बावा हेनरी से मुखातिब होते हुए कहा कि छोटे हेनरी ने पानी के बिलों के बारे में बात कही है.. लो हुन सुन लो मेरा फैसला.. अज्ज ही मैं हुक्म जारी कर दित्ते ने जिहड़े अफसरां ने दस दस साल पानी के बिल दबाके रखे उहनां दी जिम्मेदारी फिक्स कर दित्ती जावेगी ते नोटिस जारी करन दे हुक्म दे दित्ते हन।
इस बीच आवाज आई अब ठोको ताली... साथ ही पूरा पंडाल हंसी के ठहाकों से गूंज उठा.. खुद सिद्धू भी ठहाके लगाने लगे।