पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों की चीफ विजिलेंस अफसर की पड़ताल में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। पंजाब भवन में वीरवार को प्रेस कांफ्रेंस में सिद्धू ने कहा कि आठ सौ करोड़ के कार्यों की जांच की गई तो पता चला कि पांच सौ करोड़ के काम सिंगल टेंडर के जरिए अलॉट कर दिए गए।
जबकि, कानून के मुताबिक 25 हजार से ज्यादा के काम के लिए पहले निगम में प्रस्ताव पास होकर मुख्यालय जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद निगम की एफएंडसीसी में पास किया जाएगा। इस उल्लंघन के कारण चार सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर पीके गोयल, कुलविंदर सिंह, पवन शर्मा और धरम सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इनमें लुधियाना के दो और अमृतसर व जालंधर के एक-एक एसई हैं। एक हफ्ते में इनका पक्ष सुना जाएगा।
इनके अलावा तीन निगम कमिश्नरों सोनाली गिरि, जीएस खैरा और घनश्याम थोरी पर कार्रवाई के लिए सीएम और मुख्य सचिव को लिखा गया है क्योंकि विभाग के पास इन पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है। अब बड़े पैमाने पर सारे निकायों का ऑडिट कराया जाएगा। लुधियाना में 355 फाइलों की जांच की गई, जिनमें 51 ठेकेदारों को काम दिया गया था, लेकिन ई-टेंडरिंग नहीं की गई थी।