चंडीगढ़। भारतीय नौ सेना का गौरव रहे आईएनएस विक्रांत पर देश की तटीय सीमाओं की दशकों तक निगहबानी कर चुके सेवानिवृत्त नेवल कमांडर केएस पंवार ने बड़ी संख्या में आइलैंड के आकार में छिपे पाकिस्तानी बोट को ट्रेस कर उनका पर्दाफाश किया था। नेवी की फ्लाइंग ब्रांच में बतौर रडार ऑपरेटर केएस पंवार ने बताया कि 1970 में पूर्वी पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दिनों में उनकी तैनाती आईएनएस विक्रांत पर थी। पाकिस्तान की गाजी पनडुब्बी की नजर विक्रांत पर थी और वे इसे तबाह करना चाहते थे। अपने साथियों के साथ उन्होंने पाकिस्तान के मंसूबों को बेनकाब किया। बंगलादेश के समीप पाकिस्तानी नेवी ने धोखा देने के मकसद से भारी संख्या में बोट को एकत्र कर आईलैंड का रूप दे दिया था। घास पत्ते और पेड़ों से ढके बोट के इस झुंड को देखकर ऐसा लगता था कि कोई द्वीप हो, लेकिन केएस पंवार ने रडार से इसे ट्रेस कर बड़े खतरे को टाला और पाकिस्तानी बोटों को वहां से खदेड़ दिया गया। उनकी इस सूझबूझ और वीरता से भरे काम पर उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।