31 जनवरी को देशभर के मुख्यालयों पर होगा प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ अपनी कई मांगों को लेकर 16 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इससे पहले 31 जनवरी को देशभर के मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, ठेका कर्मियों की रेगुलराइजेशन पांच साल में पे रिवीजन,18 महीने के बकाया डीए डीआर, खाली पदों को भरने, निजीकरण पर रोक, एनईपी की वापसी समेत कई मांगे हैं। महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि तीन राज्य में मिली जीत से उत्साहित होकर केंद्र सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली व आठवें पे कमीशन के गठन से इन्कार कर कर्मियों के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि देश में सरकारी विभागों एवं पीएसयू में 50 लाख से ज्यादा ठेका संविदा कर्मचारी का कर रहे हैं। सरकार उनको न तो नियमित कर रही है और न ही उन्हें समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान कर रही है। हरियाणा सरकार ने तो कौशल रोजगार निगम का गठन कर ठेका कर्मचारियों के रेगुलर होने के सभी रास्ते ही बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिकार्ड जीएसटी कलेक्शन के बावजूद देश के करोड़ों कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के कोविड 19 में फ्रीज किए गए 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान नहीं किया जा रहा है। संघ के अध्यक्ष एसएस सेखों ने हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी को किसान मोर्चा भी ग्रामीण बंद करेगा। हड़ताल में रोडवेज कर्मचारी भी शामिल होंगे।