चंडीगढ़। जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने चौथे राष्ट्रीय जल पुरस्कार की घोषणा की है। इसमें सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय श्रेणी में नगर निगम चंडीगढ़ को प्रथम स्थान मिला है। नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि चंडीगढ़ ने पहली बार इस श्रेणी में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि पहला रैंक मिलने के बाद नगर निगम को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र के साथ दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। इस पुरस्कार के लिए देश भर में कई शहरी स्थानीय निकायों ने हिस्सा लिया था। आयुक्त ने कहा कि विभिन्न दस्तावेजों और फील्ड निरीक्षण यानी विभिन्न जल कार्यों, वितरण नेटवर्क, टीटी जल नेटवर्क, एसटीपी, वर्षा जल संचयन संरचनाओं, स्ट्रॉम वाटर निकासी प्रणाली आदि की जांच के बाद चंडीगढ़ को पहला रैंक मिला है। आयुक्त ने निगम के इंजीनियरिंग विंग की ओर से किए जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना की। बता दें कि राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) देश भर में राज्यों, जिलों, व्यक्तियों, संगठनों आदि की ओर से किए गए अनुकरणीय कार्यों, प्रयासों की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है। इसका उद्देश्य जनता को पानी के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का पहला संस्करण किया था पेश
मंत्रालय ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का पहला संस्करण पेश किया गया था। पहला पुरस्कार वितरण समारोह 25 फरवरी 2019 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया और 14 श्रेणियों के तहत 82 विजेताओं को सम्मानित किया गया। दूसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2019 में आयोजित किया गया, जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति ने 16 श्रेणियों में 98 विजेताओं को 11-12 नवंबर, 2020 को सम्मानित किया। तीसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 29 मार्च 2022 को आयोजित किया गया, जिसमें भारत के राष्ट्रपति ने 11 श्रेणियों में 57 विजेताओं को सम्मानित किया था।