नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम ने शनिवार तड़के अमृतसर में मजीठ मंडी और लोपोके थाना क्षेत्र के गांव कांवें में दबिश दी। एनआईए की अलग-अलग टीमें सुबह करीब 5.30 बजे ही यहां पहुंच गई। करीब ढाई घंटे की सर्च और जांच के बाद टीम कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अपने साथ ले गई। यह रेड क्रॉस बॉर्डर नार्को टेरेरिज्म मामले में गिरफ्तार कश्मीर के एक व्यक्ति से पूछताछ में सामने आए संपर्कों के बाद की गई।
एनआईए की टीम मजीठ मंडी में इंपोर्टर-एक्सपोर्टर के पास पहुंची। यह ड्राई फ्रूट, गर्म मसाले और दवाओं से जुड़ी जड़ी बूटियों का कारोबार करता है। अधिकारियों ने करीब दो घंटों तक जांच की और इस दौरान कुछ लोगों से पूछताछ भी की। वहीं एनआईए की दूसरी टीम ने सीमांत थाना लोपोके के गांव कांवें में मेजर सिंह नामक किसान के घर दबिश दी। इस किसान के 20 वर्षीय बेटे की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड थी, जिसके चलते टीम इनके घर पहुंची। घर में किसान के बुजुर्ग माता-पिता ही मौजूद थे, जबकि किसान अपने बेटे के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर गया हुआ था। एनआईए के अधिकारी पूछताछ के बाद दोनों जगहों से कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रोनिक गैजेट्स अपने साथ ले गए।
पठानकोट: एनआईए पहुंची गांव खुदाईपुर, संदिग्ध से की पूछताछ, कब्जे में लिया मोबाइल
एनआईए ने पाकिस्तान सीमा से सटे बमियाल सेक्टर के एक घर में शनिवार सुबह दबिश दी। एनआईए को शक था कि उक्त व्यक्ति पाकिस्तान में बैठे नशा तस्करों के संपर्क में था और उसकी कई देशों में फोन पर बात भी होती थी। एनआईए ने स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ संदिग्ध के घर की तलाशी भी ली। हालांकि, एनआईए को तलाशी में कुछ भी नहीं मिला। एनआईए ने संदिग्ध से पूछताछ की और व्यक्ति का मोबाइल जांच के लिए कब्जे में ले लिया। फिलहाल, जिला पुलिस इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे है।
सूत्रों के मुताबिक सुबह साढ़े 9 बजे एनआईए टीम के 3 सदस्य पठानकोट के गांव खुदाईपुर पहुंचे। उनके साथ बमियाल पुलिस चौकी के इंचार्ज तरसेम सिंह व 9 मुलाजिमों की टीम थी। टीम ने सबसे पहले संदिग्ध व्यक्ति के घर में तलाशी ली। तलाशी में कुछ न मिलने पर टीम के अधिकारियों ने व्यक्ति से पूछताछ की और उसका मोबाइल कब्जे में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक एनआईए को संदेह था कि उक्त व्यक्ति के तार पाक में बैठे नशा तस्करों से जुड़े हैं और उसके मोबाइल से विदेश में बात भी होती थी। बमियाल पुलिस चौकी प्रभारी तरसेम सिंह का कहना है कि टीम ने गांव खुदाईपुर में पूछताछ की और घर की तलाशी ली। लेकिन, कुछ नहीं मिला। जिसके बाद टीम लौट गई।