चंडीगढ़। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के जरिये इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले छात्रों को पता ही नहीं है कि उनको फेल व पास करने का आधार क्या रहा है। उनकी परीक्षाएं कोरोना के कारण नहीं हुई थीं, बावजूद इसके कुछ विद्यार्थी एक विषय में फेल हो गए। उनके दाखिले आगे की कक्षाओं में नहीं हो पा रहे। वह समस्या के समाधान के लिए चंडीगढ़ स्थिति कार्यालय पहुंच, लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया। वह वापस मायूस लौट गए।
इंटर की छात्रा कोमल अपने अभिभावकों के साथ राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय पहुंची थीं। वह अंग्रेजी, होम साइंस, समाज शास्त्र में पास हैं। उन्हें तीन विषय में 43 से लेकर 50 अंक तक मिले हैं, लेकिन इतिहास में 36 अंक दिए गए हैं। इस विषय में उन्हें फेल बताया गया है। छात्रा कोमल का कहना है कि परीक्षा हुई नहीं और उन्हें सीधे पास व फेल किया गया है। इसका आधार क्या रहा है। यह पता नहीं है। एक विषय में फेल होने के अब अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिल रहा है। कार्यालय आए हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। परेशानी बढ़ती जा रही है। यही बात छात्रा शालिनी, छात्र शुभम ने कही। उनको भी एक-एक विषय में कम अंक मिले हैं। वह भी फेल हैं। कार्यालय अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे लेकिन नहीं मिल सके। आरोप है कि कोरोना के कारण किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया।