चंडीगढ़। भाजपा के मेयर प्रत्याशी को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। प्रत्याशी के चयन की मुख्य जिम्मेदारी प्रभारी दुष्यंत गौतम पर है, इसलिए प्रदेश भाजपा के पदाधिकारी उनके चंडीगढ़ आने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच मेयर चुनाव पर अमर उजाला ने जब दुष्यंत गौतम से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह 30 या 31 को चंडीगढ़ पहुंचेंगे।
बता दें कि 8 जनवरी को मेयर चुनाव है। दुष्यंत गौतम ने कहा कि चंडीगढ़ में वह सभी पार्षदों, पार्टी पदाधिकारियों और कोर कमेटी के साथ चर्चा करेंगे। इसमें जो भी नाम सहमति से निकल कर आएगा, उसकी जानकारी पार्टी हाईकमान को दी जाएगी। पार्टी हाईकमान की तरफ से जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह मंजूर होगा। वहीं, संगठन मंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि प्रभारी दुष्यंत गौतम के चंडीगढ़ पहुंचने के बाद मेयर चुनाव को लेकर बैठकों का दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी पार्षद इस वर्ष भी एकजुट होकर मतदान करेंगे और मेयर चुनेंगे। उन्होंने कहा कि अगला मेयर चुनाव काफी अहम रहने वाला है।
अकाली दल का पार्षद किसी पार्टी को नहीं देगा वोट
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव का पहली बार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बहिष्कार करने जा रहा है। शिअद किसी भी दल के मेयर पद के उम्मीदवार के लिए वोट नहीं करेगा। नगर निगम में शिअद का केवल एक पार्षद है। शिअद चंडीगढ़ इकाई के प्रधान और पार्षद हरदीप सिंह बुटेरला का कहना है कि पहली बार नगर निगम के मेयर के चुनाव में वह भाग नहीं लेंगे। भाजपा के साथ पार्टी का गठबंधन था, जो अब टूट गया है। भाजपा से अलग हो गए हैं और कांग्रेस को वोट नहीं दे सकते हैं, ऐसे में बहिष्कार करेंगे।
8 जनवरी को चुनाव, 4 से पहले भरना होगा नामांकन
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख चार जनवरी तय की गई है। पांच जनवरी को नामांकन की जांच होगी। चुनाव के लिए मनोनीत पार्षद अजय दत्त को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। चुनाव के समय से पहले तक नाम वापस लिया जा सकता है। चुनाव में 26 पार्षद और एक सांसद की मतदान में हिस्सेदारी होगी। मनोनीत पार्षद मतदान में हिस्सा नहीं ले सकते हैं। भाजपा के 20, शिअद का एक और कांग्रेस के पांच पार्षद हैं। मेयर के चुनाव में किसी के विरोध करने का भाजपा पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।