अगर ओपन जगह छोड़ दी जाएगी तो हम किसी को रोक नहीं पाएंगे। फिर अपनी गाड़ी निकालने में सेक्टर वासियों को दिक्कत होगी। इससे समस्या बढ़ जाएगी। चालान समस्या का समाधान नहीं है। यह कब्जा नहीं है। मकान मालिक की गाड़ी आगे रहती है, यदि कोई पीछे से गाड़ी खड़ी कर दे तो क्या होगा। उस व्यक्ति को कहां ढूंढने जाएंगे।- विपिन धमीजा, निवासी सेक्टर-19
सेक्टर-19 प्राइम मार्केट है। यहां पर हर सामान की खरीदारी के लिए लोग पहुंचते हैं। त्योहार के समय गाड़ियां खड़ी करनी मुश्किल होती है। गाड़ियां चंडीगढ़ में खूब बिकती हैं। गाड़ियों की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए, जिसके पास पार्किंग की जगह हो, वही लोग गाड़ी खरीदें, ऐसा नियम बने। - बीएन पुरी, निवासी सेक्टर-19
सेक्टर-19 बी में मेंटेनेंस कार्यालय के पास जगह खाली पड़ी है। वहां पर पार्किंग बनाकर प्रशासन हम सेक्टर वासियों को दे। पार्किंग का रखरखाव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन करेगी। इससे यहां पार्किंग की परेशानी से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा। - राजीव मोदगिल, निवासी सेक्टर-19
आरडब्ल्यूए प्रधान बोले-खटखटाएंगे हाईकोर्ट का दरवाजा
नगर निगम की ओर से एक जनवरी से सेक्ट -19 से अतिक्रमण हटाने की मुहिम का इलाके की आरडब्ल्यूए ने विरोध जताया है। सेक्टर-19 आरडब्ल्यूए के प्रधान एके डडवाल ने कहा कि यहां लोगों ने कोई अतिक्रमण नहीं किया है, घर के बाहर ग्रीनरी कर रखी है। इसी वजह से चंडीगढ़ में हरियाली बढ़ी है और पूरे देश में चंडीगढ़ नंबर वन है।
यदि इस ग्रीनरी को नष्ट किया जाएगा तो यह स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते कदम की दिशा में एक बहुत भारी झटका होगा। आरडब्ल्यूए की मीटिंग में तय किया गया कि इसे रोकने के लिए सेक्टरवासी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि एक जनवरी को यह ड्राइव न चलाई जाए। एक जनवरी को लोग मंदिर और गुरुद्वारे में जाकर प्रार्थना करते हैं।