चंडीगढ़। नगर निगम सदन की वीरवार को होने वाली बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। कई विकास के एजेंडों पर चर्चा के साथ साथ हंगामे के भी आसार हैं। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मुद्दे पर इस बार भी हंगामा हो सकता है। पिछले बैठक में हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह ने तोड़फोड़ का मामला सदन में उठाया था। मेयर बैठक स्थगित कर सेक्टर-45 पहुंच गए थे।
नगर निगम शहर में गीले कचरे और बागवानी अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नई तकनीक अपनाने की तैयारी में है। इस परियोजना को सदन की बैठक में स्विस चैलेंज मोड के तहत मंजूरी के लिए रखा जाएगा। निगम द्वारा जारी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के जवाब में एमएस फ्लीजिओ बिजनेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड ने आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव पर नगर निगम कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित समिति ने विस्तृत चर्चा की। इसके बाद सेक्टर-25 स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी में ट्रायल आधार पर परीक्षण की अनुमति प्रदान की गई।
बागवानी कचरे पर यह रहा परिणाम
ट्रायल के दौरान सूखे पत्तों और बागवानी कचरे में 10 से 15 दिनों के भीतर तेजी से गलन और मात्रा में कमी देखी गई। उपचार के दौरान दुर्गंध, मक्खियों और मच्छरों की समस्या भी सामने नहीं आई।
गीले कचरे पर यह रहा असर
वहीं गीले कचरे पर किए गए परीक्षण में चौथे दिन तक बदबू खत्म होने और छठे दिन तक मक्खियों की समस्या समाप्त होने का दावा किया गया। लगभग 15 दिनों में कचरा खाद जैसी सामग्री में बदलता दिखाई दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आर्गेनिक साल्यूशन कचरे के स्थिरीकरण, दुर्गंध नियंत्रण और मात्रा कम करने में प्रभावी साबित हुआ है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गीले कचरे की प्रोसेसिंग के लिए अलग से डीएनआइटी प्रक्रिया भी जारी है और स्थायी व्यवस्था होने तक इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
50 करोड़ से बनेंगी वी-4 सड़कें
निगम सदन की बैठक में विकास से जुड़े 25 से अधिक प्रस्ताव आएंगे। 70 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी के लिए लाया जाएगा। इनमें सबसे अधिक प्रस्ताव वी-4 सड़कों की रीकारपेटिंग के होंगे। लगभग सभी सेक्टरों में वी-4 रोड की रीकारपेटिंग के 50 करोड़ रुपये के प्रस्ताव इस बैठक में चर्चा के लिए आएंगे।