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Chandigarh News: दो साल में बननी थी मल्टीलेवल पार्किंग, बनी है सिर्फ 25 फीसदी

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चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में आने वाले हजारों लोगों को पार्किंग की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए यूटी प्रशासन ने दो साल पहले 81 करोड़ की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग का काम शुरू किया था। ज्यूडिशियल अकादमी और जिला अदालत की बीच बनाई जा रही इस पार्किंग का निर्माणकार्य दो साल में पूरा होना था लेकिन अब तक केवल 25 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। बाकी 75 फीसदी काम पूरा होने में अभी दो साल का समय और लग सकता है।
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बता दें कि जिला अदालत में काम के सिलसिले में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना है। हजारों वकील और सात सौ से अधिक मुंशी भी रोजाना अदालत पहुंचते हैं। अन्य स्टाफ की संख्या भी हजार के करीब है। जज, वकील और अन्य स्टाफ के वाहनों की संख्या मिलाकर करीब तीन हजार के करीब है। ऐसे में काम करवाने के लिए आने वाले लोगों के लिए पार्किंग की जगह नहीं बचती, जिसके चलते मजबूरी में लोग सड़क पर वाहन पार्क करते हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मल्टीलेवल पार्किंग बनने के बाद आम जनता समेत वकीलों व अन्य स्टाफ की पार्किंग समस्या खत्म हो जाएगी। 4.5 लाख वर्ग फीट एरिया में बन रही पार्किंग में बेसमेंट और तीन मंजिलें होंगी। 30 जुलाई 2022 को केंद्रिय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका शिलान्यास किया था। उस समय पार्किंग का काम पूरा करने में दो साल का समय रखा गया था। लेकिन अब तक महज 25 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है।

पहली बार अगस्त 2013 में पार्किंग बनाने का हुआ था फैसला : पहली बार अगस्त 2013 में तत्कालीन यूटी प्रशासक के तत्कालीन सलाहकार केके शर्मा ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की मंजूरी दी थी ताकि यहां जिला अदालत और आईएसबीटी-43 आने वाले लोगों को पार्किंग की सुविधा मिल सके। उस समय इसके लिए 18.33 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई थी लेकिन योजना पर कोई काम नहीं हुआ और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कुछ साल बाद फैसला हुआ कि जिला अदालत और ज्यूडिशियल अकादमी के बीच खाली पड़ी जगह पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए 62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई। यह योजना भी कई सालों तर अधर में लटकी रही और कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ष 2020 में तत्कालीन सलाहकार मनोज परिदा ने फिर योजना में बदलाव किया और फैसला हुआ कि वहां खाली 4.5 एकड़ प्लॉट के आधे हिस्से में चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी।
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