मॉड्यूलर ऑफिस फर्नीचर लगाना हो या फिर मॉड्यूलर किचन...इनकी क्वालिटी का कायल ट्राइसिटी ही नहीं हरियाणा, पंजाब और हिमाचल भी है। क्लाइंट की जरूरत के हिसाब से ये ऐसा मॉड्यूलर फर्नीचर तैयार करते हैं कि फिर नजर हटाए नहीं हटती।
1968 में बतौर आर्किटेक्ट कैरियर की शुरुआत करने वाले विजुशा वुडक्रॉफ्ट इंडस्ट्रीज के पार्टनर विजय कुमार महाजन ने पंचकूला में जब मॉड्यूलर फर्नीचर का काम क्वालिटी बेस्ट शुरू किया तो कमाल ही कर दिया। आज विजय कुमार महाजन अपने बेटे के साथ पंचकूला में दो यूनिट लगाकर आधुनिक मशीनों के साथ मॉड्यूलर फर्नीचर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं।
चंडीगढ़ में बतौर आर्किटेक्ट की शुरुआत
विजुशा वुडक्रॉफ्ट इंडस्ट्रीज के पार्टनर विजय कुमार महाजन ने बताया कि चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ में जाने-माने आर्किटेक्ट भूपिंदर-जोगिंदर एंड एसोसिएट के साथ करीब एक साल तक काम किया। उन्होंने बताया कि 1968 में सेक्टर-18 चंडीगढ़ में किराये पर जगह लेकर उन्होंने खुद का काम शुरू किया और चंडीगढ़, मोहाली, डेराबस्सी और पंजाब में कई इंडस्ट्रीज डिजाइन कीं।
1988 में लगाई केमिकल फैक्टरी
विजय कुमार महाजन ने बताया कि बतौर आर्किटेक्ट उन्होंने शुरुआती दौर में केमिकल प्लांट काफी डिजाइन किए और एक समय बाद उन्होंने खुद की इंडस्ट्री लगाने की सोची। 1988 में उन्होंने मोहाली में करीब 50 हजार की लागत से केमिकल की फैक्टरी लगाई। विजय कुमार महाजन ने बताया कि उस दौरान उन्होंने डेराबस्सी में भी प्लॉट खरीदा और 1994 में केमिकल फैक्टरी मोहाली से डेराबस्सी शिफ्ट कर दी। उन्होंने बताया कि डेराबस्सी में इन्फ्रास्ट्रक्टर फोकल प्वाइंट में न होने के कारण फैक्टरी शुरू करने में समय लगा।
पारंपरिक तरह से शुरू किया फर्नीचर का काम
विजय कुमार महाजन ने बताया कि 1995 में उन्होंने चंडीगढ़ में नए बैंक सेंचुरियन, टाइम्स, कर्नाटक आदि बैकों के इंटीरियर का काम शुरू किया। थोड़े समय बाद उन्होंने पंचकूला में फर्नीचर यूनिट लगाने की सोची और 2002 में उन्होंने प्लॉट खरीदकर फर्नीचर का काम शुरू किया। विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने चार वर्करों के साथ पारंपरिक तरह से फर्नीचर का काम शुरू किया था। क्योंकि उस समय ऐसा कोई कॉन्सेप्ट था ही नहीं।
मॉड्यूलर फर्नीचर के लिए आए कॉन्सेप्ट
विजय कुमार ने बताया कि 2005-06 में उन्होंने डेराबस्सी में केमिकल फैक्टरी का काम बंद कर आधुनिक मशीनों के साथ मॉड्यूलर फर्नीचर का काम शुरू किया था। क्वालिटी बेस्ट प्रोडक्ट तैयार करने की वजह से ही उनका काम चला और धीरे धीरे रेफरेंस के साथ क्लाइंट बढ़ने लगे। आधुनिक मशीनों की वजह से भी उनके प्रोडक्ट की क्वालिटी और प्रोडक्टिविटी बढ़ने लगी। विजय कुमार ने बताया कि शुरू से ही उन्होंने क्वालिटी पर ही फोकस रखा। जिसका उन्हें बिजनेस में फायदा भी मिला।
बेटे के साथ बढ़ी बिजनेस की रफ्तार
विजय कुमार महाजन ने बताया कि 2004 में आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन करने के बाद उनके बेटे ने गुजरात में नौकरी की। 2006 में मॉड्यूलर फर्नीचर का काम शुरू करने के बाद उन्होंने अपने बेटे को भी बिजनेस में साथ लिया। पिता के साथ बिजनेस में जुड़ते ही अनमोल महाजन ने प्रोडक्शन पर फोकस किया। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का आइडिया और कॉन्सेप्ट भी कमाल का है। जिसकी बदौलत उनका बिजनेस रफ्तार भी पकड़ रहा है। विजय कुमार ने बताया कि 2014 में उन्होंने रिहाऊ इंडिया से मॉड्यूलर फर्नीचर के प्रोडक्ट्स की डिस्ट्रिब्यूशनशिप ली और पंचकूला में ही दूसरी यूनिट भी लगा दिया।