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MSME यानी कम से कम निवेश और ज्यादा रोजगार

Wed, 27 Jan 2016 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एमएसएमई अपना बिजनेस करने के शौकीनों के लिए वो मंच है, जहां लोग कम निवेश करके ज्यादा से ज्यादा रोजगार पा सकते हैं। हरियाणा में लगभग 90 हजार एमएसएमई में 15000 करोड़ का निवेश है। ये 8.90 लाख लोगों को रोजगार दे रही हैं। दूसरी ओर प्रदेश के 1670 बड़े और मध्यम उद्योगों में 49000 करोड़ का निवेश है और ये मात्र 3.36 लाख लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
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नई उद्योग नीति के अनुसार केंद्र के ‘मेक इन इंडिया’ के लिए प्रदेश सरकार ने पंचायती जमीन पर शेड्स या इंडस्ट्रियल एस्टेट में फैक्टरी की शुरुआत के लिए लीज आधार पर मुहैया कराना है। सीजीटीएमएसएमई स्कीम के तहत एमएसएमई को अधिकतम एक करोड़ रुपये कोलैटेरल फ्री लोन मुहैया कराने के लिए 1000 करोड़ रुपये तक का प्रावधान होगा। इसमें स्किल डेवलपमेंट सेंटर, क्वालिटी मार्किंग एंड क्वालिटी सर्टिफिकेशन, रूरल फंक्शनल क्लस्टर सहित अन्य क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

टेक्नोसेवी
डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया के तहत एमएसएमई को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में यूनिवर्सिटी को वाई-फाई से जोड़ने, गांवों तक डिजिटलाइजेशन और आईटीआई का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में टूल रूम टेकभनोलॉजी डेवलेपमेंट सेंटर की भी आईएमटी, रोहतक में स्थापना की जाएगी। फरीदाबाद और गुड़गांव में भी टेकभनोलॉजी डेवलेपमेंट सेंटर की शुरुआत के अलावा क्वालिटी मार्किंग सेंटर और स्किल डेवलेपमेंट सेंटर की शुरुआत की योजना है।
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सीएसआर से बढ़ेंगी संभावनाएं
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनी (नास्कॉम) ने हरियाणा सरकार से करीब दो महीने पहले एक समझौता किया था। इसके तहत कंपनियां कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) गतिविधियों के तहत अलग अलग स्किल सेंटरों से युवाओं को प्रशिक्षित कर कौशल विकास कर सकती हैं। इस करार के तहत प्रदेश में करीब 25 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

ग्रीन इनिशिएटिव
सौर ऊर्जा निवेश (सन) के तहत प्रदेश में सोलर पार्क की स्थापना। पर्यावरण के लिहाज से ईको-फ्रेंडली यूनिट को भी सरकार की ओर से राहत दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत ग्रीन बिल्डिंग, सोलर एनर्जी इनेबल्ड बिल्डिंग के अलावा ईको-फ्रेंडली और प्रदूषण रहित उद्योगों को भी खास तवज्जो दी जा रही है।

इनोवेटिव कैंपस
प्रदेश में इनोवेटिव कैंपस की स्थापना की जाए। इसमें पांच करोड़ की लागत से प्रदेश की सात यूनिवर्सिटी में इनक्यूबेशन सेंटर की शुरुआत करने की योजना है। इससे जहां इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं अगले कुछ वर्षों में पेटेंट के बाद टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी संभव हो सकेगा। स्टार्टअप या खुद से पहल करने वाले छोटे उद्यमियों को भी उनके इनोवेशन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

बेस्ट वुमन इंटरप्रेन्योर अवार्ड
वुमेन इंटरप्रेन्योर को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में बैंक की एक वुमेन स्पेशलाइज्ड ब्रांच की शुरुआत की गई है। इसके जरिए न केवल वित्तीय सहायता का प्रावधान है, बल्कि उद्यम शुरू करने के लिए तमाम रियायतों और कंसल्टेंसी भी दी जाती है। सर्विस सेक्टर में महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से पहल की जा रही है।

ये मिलेंगे लाभ
•किसी भी नए उत्पाद के लिए पेटेंट हासिल करने में होने वाले खर्च पर 50 प्रतिशत तक रिइंबर्समेंट का प्रावधान है, लेकिन यह राशि अधिकतम 25 लाख तक होगी।
•पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने केलिए एमएसएमई को एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी), एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस पर 50 फीसदी (अधिकतम 25 लाख) की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
•एनर्जी ऑडिट के लिए आईआईटी, एनआईटी जैसे संस्थानों से तकनीक के लिहाज से मदद के लिए भी कुल लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये) तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया के तहत एमएसएमई को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में यूनिवर्सिटी को वाई-फाई से जोड़ने, गांवों तक डिजिटलाइजेशन और आईटीआई का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में टूल रूम टेकभनोलॉजी डेवलेपमेंट सेंटर की भी आईएमटी, रोहतक में स्थापना की जाएगी। फरीदाबाद और गुड़गांव में भी टेकभनोलॉजी डेवलेपमेंट सेंटर की शुरुआत के अलावा क्वालिटी मार्किंग सेंटर और स्किल डेवलेपमेंट सेंटर की शुरुआत की योजना है।
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