भिवानी के युवा उद्यमी धर्मेंद्र कुमार शर्मा की सर्जिकल इंडस्ट्री में एंट्री एक मैकेनिक के तौर हुई थी। 15 साल पहले दोस्तों से पैसे उधार लेकर शुरू की गई फैक्टरी का टर्न ओवर एक करोड़ पहुंच गया है।
धर्मेंद्र ने बताया कि 1995 में उन्होंने कैरियर की शुरूआत भिवानी में सर्जिकल इंडस्ट्रीज की नींव रखने वाले सिद्धस्वरूप गुप्ता की फैक्टरी में बतौर मैकेनिक की।
पांच साल यहां सीखा और वर्ष 2000 में टेक्रीनिका यूनिवर्स के नाम से अपनी यूनिट लगाई। उस समय दोस्तों से पैसा उधार लेकर केवल एक श्रमिक से शुरुआत की।
उनकी फैक्टरी में बनी ऑपरेशन टेबल, लाइट के अलावा स्कल फिक्सेएटर व विभिन्न अटैचमेंट इक्यूपमेंट हरियाणा के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश व साउथ के अन्य प्रदेशों में सप्लाई होते हैं।