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किरण खेर ने लोकसभा में उठाया चंडीगढ़ में खेल कोच की कमी का मुद्दा, बोलीं- ठोस कदम उठाएं

Fri, 26 Jul 2019 02:47 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांसद किरण खेर - फोटो : अमर उजाला
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सांसद किरण खेर ने लोकसभा में चंडीगढ़ में स्पोर्ट्स कोच व अन्य कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की खेल नीतियों के तहत उनके संसदीय क्षेत्र चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में कई नए स्टेडियम और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया गया है। लेकिन यहां कोचों व अन्य कर्मियों की कमी है।
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उन्होंने कहा कि स्वीकृत जूनियर कोचों की संख्या केवल 20 है, जो पर्याप्त नहीं है। प्रशासन शहर में युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए कोचों को आउटसोर्स करने के लिए मजबूर है। चंडीगढ़ के निवासियों की तरफ से केंद्रीय खेल व युवा मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से आग्रह करते हुए उन्होंने पूछा कि पूरे भारत में कोच और अन्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से क्या कदम उठाए गए हैं?

उन्होंने लोकसभा स्पीकर के माध्यम से उनसे यह भी पूछा कि आर्थिक बाधाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए कोई तंत्र है या नहीं? उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जिनमें आर्थिक तंगी या महंगे हवाई टिकट खरीदने में असमर्थता की वजह से हमारे अच्छे एथलीट अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शामिल नही हो पाते।
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सांसद ने सही मुद्दा उठाया: तेजदीप सिंह सैनी

इस मौके पर यूटी खेल विभाग के डायरेक्टर तेजदीप सिंह सैनी ने बताया कि सांसद किरण खेर ने लोक सभा में जूनियर कोचों की कमी का मुद्दे को उठाकर सही किया। स्पोर्ट्स डिपार्टमें में जूनियर कोचों की 20 सेक्शन पोस्ट कई सालों से चली आ रही हैं। इस दौरान समय बदलता गया। खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए नए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाया गया।

इसके तहत सिटी में कई नए स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण भी हुआ, जिसमें एक छत तले कई खेल खेले जा सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर तो बढ़ा, लेकिन कोचों की सेक्शन पोस्ट की संख्या नहीं बढ़ी । इस दौरान काम चलाना था कि इसके लिए आउटसोर्स से कोच रखे हैं। कोचों की संख्या बढ़ाने के लिए हम सेक्रेटरी स्पोर्ट्स से डिस्कस करेंगे।

इस पर सहमति बनती है तो प्रस्ताव को हम गवर्नमेंट ऑफ इंडिया को भेज सकते हैं। अगर कोचों की संख्या बढ़ती है तो नए बनाए गए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर से अधिक से अधिक खिलाड़ी उभर कर सामने आएंगे।
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