धीरे-धीरे उसकी डोज बढ़ती गई और वह नशे की आदी हो गई। युवती ने बताया कि उसने कई बार पुलिस स्टेशन जाकर नशे की सप्लाई करने वालों की जानकारी दी लेकिन पुलिस ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। युवती की बातें सुनने के बाद सांसद औजला ने कहा कि इस युवती को बीते दस साल से नशे की लत लगी है।
इससे साफ है कि इस पूरे मामले में पुलिस की मिलीभगत है। नीचे से ऊपर तक पूरी व्यवस्था बिगड़ चुकी है। इस युवती ने बताया है कि नशा सरेआम बिक रहा है। पुलिस अभी तक नशे की सप्लाई लाइन ढूंढ नहीं सकी है। इस लकड़ी की व्यथा सुनकर मैं स्तब्ध हूं।
नशे के कारण नौजवान युवक-युवतियां अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। अभिभावक बच्चों को जंजीरों में बांधने के लिए मजबूर हैं। पूरा मामला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ध्यान में लाया जाएगा। जिस इलाके में एक युवती को नशा सरेआम मिलता रहा है, उस इलाके की पुलिस को भी जिम्मेदार माना जाएगा। जब तक उस पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार नहीं बनाया जाता, तब तक नशा नहीं रुक सकता। सीएम को इसकी जानकारी दूंगा।