खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह ने संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 को आधार बनाते हुए संसद के सत्र में शामिल होने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली है। अमृतपाल ने इसके साथ ही 26 जनवरी के कार्यक्रम में भाग लेने की इजाजत की मांग भी की थी लेकिन रजिस्ट्री द्वारा इस पर आपत्ति लगाने के बाद यह मांग हटा दी गई। याचिका रजिस्ट्री में दायर की गई है जिसमें लगी तकनीकी आपत्ति हटने के बाद सुनवाई होगी।
अमृतपाल सिंह के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन मामलों में उन पर पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद 18 मार्च 2023 को अमृतसर के डिप्टी मजिस्ट्रेट द्वारा उनके खिलाफ डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया, जिसे 22 अप्रैल 2024 तक बढ़ा दिया गया था। 23 अप्रैल 2023 को अमृतपाल सिंह को गिरफ्तार कर असम के डिब्रूगढ़ जेल में रखा गया। हालांकि, 22 अप्रैल 2024 को उनकी डिटेंशन की अवधि समाप्त होने के बाद 13 मार्च 2024 को एक नया डिटेंशन ऑर्डर जारी किया गया, लेकिन इसमें अवधि का उल्लेख नहीं किया गया। इस आदेश को 3 जून 2024 को राज्य सरकार ने मंजूरी दी और 6 जून 2024 को एक और आदेश जारी किया गया, जिसमें तारीखों में सुधार किया गया। अभी वह डिब्रूगढ़ जेल में है और वहीं से याचिका दाखिल करते हुए संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी है। याची ने कहा कि वह 19 लाख लोगों के जनप्रतिनिधि हैं और उनकी संसद में उपस्थिति उनके अधिकारों और कर्तव्यों का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उन्हें संसद सत्र में शामिल होने दिया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके डिटेंशन ऑर्डर में बार-बार गलतियां और संशोधन यह दर्शाते हैं कि इसमें प्रशासन ने पूरी तरह से लापरवाही बरती है।