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झारखंड के कोल माफिया पर केंद्रित है 'कोयलांचल'

Mon, 05 May 2014 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बॉलीवुड कलाकार सुनील शेट्टी नौ मई को रिलीज होने वाली अपनी फिल्म कोयलांचल की प्रमोशन के लिए रविवार को जीरकपुर पहुंचे। उन्होंने होटल पार्क प्लाजा में प्रेसवार्ता में बताया कि झारखंड के कोल माफिया पर केंद्रीत यह फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है।
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इसमें सुनील एक ईमानदार आईएएस अफसर का किरदार निभा रहे हैं, जिसको पूरे घोटाले की जांच के लिए विशेष तौर पर वहां भेजा जाता है। कोल माफिया इसे रोकने के लिए उसके रास्ते में कई मुश्किलें पैदा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद सुनील अपना काम ईमानदारी के साथ करते हुए घोटाले का पर्दाफाश करते हैं।

फिल्म में विनोद खन्ना कोल माफिया का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन आशु थरीका ने किया। फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह कोल माफिया सरकारों की सहायता से लोगों की जमीनों पर कब्जा कर कोल निकालकर मोटा मुनाफा कमाता है, जबकि जमीन मालिकों को अपनी जमीनों में से काला सोना निकालने पर भी गरीबी का सामना करना पड़ता है।
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शेट्टी ने बताया कि यह फिल्म कोल खदानों में फिल्माई गई है तथा उनको तथा विनोद खन्ना के मुख्य किरदार को छोड़कर बाकी सभी किरदार उस क्षेत्र से लिए गए हैं। ताकि दर्शकों को यह असलियत के पास लगे। उन्होंने बताया कि फिल्म में देश की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद और माओवाद को उठाया गया है, जो काफी हद तक मौके की सरकारों की नाकामी का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि देश का सबसे बड़ा व पुराना भ्रष्टाचार कोल क्षेत्र में चल रहा है, जिसका पर्दाफाश किया गया है। इस भ्रष्टाचार तथा गरीबी से तंग आकर ही जमीन मालिक तथा स्थानीय लोग नक्सली व माओवादी बनते हैं। अपनी आवाज लोगों तक पहुंचने के लिए हिंसा का सहारा लेते हैं।

कोयलांचल फिल्म पहले मजदूरों को समर्पित करते हुए मजदूर दिवस पर रिलीज करने की योजना थी, लेकिन किसी कारण इसको रिलीज नहीं किया जा सका। अब यह नौ मई को रिलीज की जा रही है।

डरा हुआ था
सुनील शेट्टी ने बताया कि जब वह फिल्म की शूटिंग करने के लिए झारखंड या अन्य क्षेत्रों में गए तो उनके मन में नक्सली व माओवादियों के बारे में काफी डर था, लेकिन वहां उनको कोई समस्या नहीं आई तथा वहां के लोगों अच्छे स्वभाव के हैं। स्थानीय लोगों ने शूटिंग के दौरान टीम को पूरा सहयोग दिया। इस अवसर पर उनके साथ फिल्म में सहकलाकार वीपिनो भी उपस्थित थे।

नक्सली भी आते थे शूटिंग देखने
सुनील शेट्टी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग देखने के लिए रोजाना 10 से 15 हजार लोग पहुंचते थे। उनको बाद में स्थानीय लोगों से पता लगता था कि फिल्म की शूटिंग देखने वालों में नक्सली व माओवादी भी शामिल होते थे। श्री शेट्टी ने बताया कि नकसली व माओवादी भारत के ही लोग हैं, जो इंसाफ न मिलने के कारण भटक रहे हैं।
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