चंडीगढ़। मां को आदर्श मानने वाली शहर की बेटियां आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने परिवार के साथ देश का नाम भी रोशन कर रही हैं। भारत को पहला ओलंपिक कोटा दिलाने वाली शहर की अंतरराष्ट्रीय शूटर अंजुम मोदगिल मां शुभ मोदगिल को अपना आदर्श और गुरु मानती हैं। अंजुम ने कहा कि उनकी मां भी एनसीसी की शूटर थीं। जब वह अभ्यास के लिए शूटिंग रेंज जाती थी कभी-कभी अपने साथ साइकिल पर बैठकर मां उन्हें शूटिंग रेंज लेकर जाती थीं। वहीं से उन्हें इस खेल के प्रति लगाव हो गया।
उन्होंने बताया कि शूटिंग के बारे में प्राथमिक जानकारी मां ने ही दी। उन्होंने निशाना लगाना सिखाया। इसके बाद इस खेल में आगे बढ़ने की हिम्मत जागी। देश में होने वाली शूटिंग प्रतियोगिताओं से लेकर ट्रायल के वक्त वह कई बार साथ ही रहती थीं।
चाहत अरोड़ा बोलीं- मदर्स डे पर मां के साथ खास जगह पर डिनर का किया है प्लान
देश-विदेश में तैराकी में भारत का नाम रोशन करने वाली तैराक चाहत अरोड़ा इन दिनों चेन्नई में आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अभ्यास कर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मदर्स डे के लिए मैंने एक खास जगह पर अपनी मां के लिए डिनर प्लान किया है। उनका कहना है कि मां की बदौलत ही आज वह इस मुकाम पर है। उनकी मेहनत के बिना वह बेहतरीन तैराक नहीं बन सकती थीं। बचपन से ही चाहत का रुझान तैराकी में था। मां ने बेटी के शौक को देखते हुए उन्हें तैराकी सिखाई। चाहत अरोड़ा ने कहा कि उनकी मां गीता अरोड़ा कई सालों से अभ्यास सत्र में उनके साथ ही रहती हैं। कई बार विदेशों में भी वह मेरे साथ रहीं।