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Chandigarh News: पीजीआई में सुबह हड़ताल<bha>;</bha> व्यवस्था चरमराई, दो साल के एरियर का भुगतान करने पर काम पर लौटे अनुबंधकर्मी

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चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन की ओर से 7 जून को संशोधित वेतन जारी नहीं करने के विरोध में साढ़े तीन हजार अनुबंध कर्मियों ने मंगलवार की सुबह 6 बजे हड़ताल कर दी और निदेशक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पीजीआई में ओपीडी, वार्ड, ओटी और इमरजेंसी की व्यवस्था चरमरा गई। आनन-फानन पीजीआई प्रशासन ने कर्मचारियों से वार्ता शुरू की। वार्ता कई घंटे चली। अंत में कर्मचारियों को एक साथ दो साल का एरियर देने की घोषणा की गई। शाम तक अनुबंध पर तैनात लगभग 300 सुरक्षाकर्मियों के खाते में एरियर का भुगतान भी हो गया। इसके बाद शाम 6 बजे कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की।
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पूरे दिन अनुबंधकर्मियों की हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी मरीज को झेलनी पड़ी। ओपीडी से लेकर वार्ड, इमरजेंसी, ओटी, ट्रॉमा सेंटर तक हर जगह कार्य बाधित रहा। जिन मरीजों को पहले से ऑपरेशन की डेट दी गई थी, उनकी सर्जरी भी समय पर नहीं हो सकी, वहीं ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों को डॉक्टरों तक पहुंचने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी। रिसेप्शन काउंटर, शुल्क काउंटर खाली पड़े रहे। डॉक्टर रूम के बाहर अटेंडेंट न होने से डॉक्टरों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी।

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लोग बोले- पीजीआई प्रशासन व कर्मचारियों के बीच पिस रहे मरीज
पीजीआई की ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों को जब पता चला कि हड़ताल है तो उनका दुख छलक पड़ा। रोपड़ से इलाज कराने आए हरिंदर सिंह ने कहा कि यह तो हर महीने की समस्या हो गई है। पीजीआई प्रशासन और कर्मचारियों के बीच की तनातनी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। जम्मू की दुर्गावती ने बताया कि वह अपने 80 साल की मां को लेकर दिखाने आई हैं लेकिन हॉस्पिटल अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों के उपलब्ध न होने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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सारे दावे फेल नजर आए
वहीं, ओपीडी में मरीजों की सहायता के लिए सारथी तैनात करने के पीजीआई के सारे दावे फेल नजर आए। अनुबंध कर्मचारियों के मौजूद न होने पर असहाय मरीज इधर-उधर सहायता मांगते नजर आए लेकिन पीजीआई की तरफ से तैनात एक भी सारथी नजर नहीं आया जबकि पीजीआई प्रशासन ने पिछले दिनों दावा किया था कि उनके स्तर पर कॉलेज के एनएसएस स्वयंसेवकों की तैनाती सारथी के रूप में पीजीआई की ओपीडी में की गई है। अनुबंध पर तैनात सफाई कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने के कारण संस्थान में हर जगह गंदगी नजर आई। इलेक्ट्रिक सर्जरी के लिए जहां ओटी की सफाई न होने से सर्जरी विलंब से शुरू हुई। वहीं, ओपीडी के डॉक्टर रूम, वार्ड, इमरजेंसी, ट्रॉमा में भी साफ सफाई की व्यवस्था चरमराई नजर आई।

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लिखित आश्वासन पर वापस ली हड़ताल : अश्विनी मुंजाल
पीजीआई ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अश्विनी कुमार मुंजाल ने बताया कि पीजीआई प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ली गई है और उम्मीद की जा रही है कि पीजीआई पुनः धोखा नहीं देगा। कहा कि दो साल का बकाया बेसिक प्लस डीए जारी करने का लिखित आश्वासन दिया गया है। वहीं, शेष राशि 30 जून तक मिलेगी। उन्होंने बताया कि पीजीआई प्रशासन ने 12 जून को मंत्रालय का दौरा कर 14 जून तक वहां के निर्णय से अवगत कराने की बात कही है। इसके बाद 7 जुलाई को बेसिक प्लस महंगाई भत्ते के नियम 25 के तहत संशोधित वेतन का भुगतान किया जाएगा। बता दें कि पीजीआई के अनुबंध कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए 14 वर्षों से लड़ाई लड़ रहे हैं। वे समान काम समान वेतन, काम के घंटे, बोनस, 5 साल बाद पदों को नियमित करने, छुट्टियां और अन्य सेवा शर्तें लागू करने की मांग कर रहे हैं।
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