प्रशासन के रुख से नाराज 50 से ज्यादा विभागों के दस हजार से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल का आह्वान को-आर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज एंड वर्कर्स ने किया है।
इस हड़ताल के दौरान पब्लिक कंपलेंट अटेंड नहीं की जाएंगी। दो घंटे तक सीटीयू के पहिए भी थम जाएंगे, लेकिन इमरजेंसी सेवाओं को बंद नहीं किया जाएगा।
कमेटी के संयोजक राकेश कुमार ने बताया कि कमेटी की कोर कमेटी की वीरवार को बैठक र्हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि हड़ताल हर हाल में की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्पेशल सेक्रेटरी फाइनेंस भावना गर्ग की ओर से स्पेशल सेक्रेटरी पर्सोनल को बातचीत करने के लिए कहने के बावजूद उन्हें शाम तक नहीं बुलाया गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन में धड़ेबाजी हो गई है और इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी शुक्रवार को सेक्टर-17 के बस अड्डे पर बड़ी रैली करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
उन्होंने कहा कि एक मई को कर्मचारियों ने मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का फैसला किया था और उसके बाद प्रशासक के सलाहकार के अलावा गृह सचिव के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई फैसला नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि एडवाइजर के आदेशों के बाद भी विभागों के प्रमुख उनसे बातचीत को गंभीर नहीं हैं।
ये हैं मांगें
कर्मचारियों की मांगों में मजदूर मुलाजिम विरोधी नीतियों को रद्द करना, डेलीवेज वर्कचार्ज के कर्मचारियों को रेगुलर करने वाली नीति में रह गई गलतियों को दूर करना, कांट्रेक्ट कर्मचारियों की रिवाइज्ड सैलरी का नोटिफिकेशन जारी करना, फायरमैन व सीवरमैनों के लिए बीमा योजना लागू करना, कांट्रेक्ट मुलाजिमों के लिए व्यापक सुरक्षित पॉलिसी तैयार करना, वर्कलोड के अनुसार नए पदों का सृजन करना, चंडीगढ़ के मुलाजिमों का स्टेटस तय करना, चंडीगढ़ से दफा 144 को खत्म करना, सेमी स्किल्ड हेल्परों को 9854 रुपये की तनख्वाह लागू करना और सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग से भर्ती बंद करना आदि शामिल है।