चंडीगढ़। नए स्कूली सत्र 2023-24 के पहले दिन चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बच्चों से अधिक अभिभावकों का आना-जाना लगा रहा। मौसम खराब होने और शनिवार का दिन होने से विद्यार्थियों ने छुट्टी मनाना पसंद किया। स्कूलों में 12 से 50 प्रतिशत तक छात्र ही पहुंचे। हालांकि अध्यापक बच्चों के दाखिले के लिए आए अभिभावकों के फॉर्म भरने और उनकी आशंकाओं के उत्तर देने में व्यस्त रहे।बोर्ड परीक्षा के अलावा सभी कक्षाओं के परिणाम आ चुके हैं। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। प्राथमिक स्तर के बच्चों के अधिक प्रवेश फॉर्म आए। जीएमएसएसएस करसान की प्रधानाचार्य संगीता गुलाटी ने बताया स्कूल में करीब 50 अभिभावक बच्चों के दाखिला संबंधी जानकारी लेने और प्रवेश फॉर्म भरने के लिए पहुंचे थे। जीएमएचएस-49 की प्रधानाचार्य दर्शनजीत ने बताया उनके पास करीब 50-60 अभिभावक आए जिनमें से 25 ने बच्चे के दाखिले का फॉर्म भरा। अधिकतर फॉर्म एंट्री क्लास में दाखिले के लिए आए। जीएमएसएसएस-35 के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया बच्चों की उपस्थिति दर करीब 12 प्रतिशत रही और आठ-दस अभिभावक दाखिले के लिए स्कूल आए। जीजीएमएसएसएस-18 में हर कक्षा में दो-चार बच्चे मौजूद रहे और दाखिले के लिए 30 से अधिक परिजन आए। 10 परिजनों ने दाखिला फॉर्म भरे और अन्य ने इससे जुड़ी जानकारी ली।
अधिकतर निजी स्कूल शनिवार को बंद रहे और उनमें नए सत्र की शुरुआत सोमवार होगी। सेक्टर-32 स्थित सॉपिंस स्कूल में नर्सरी, केजी और एलकेजी कक्षा के अभिभावकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
सोमवार से सुचारू रूप से लगेंगी कक्षाएं
सरकारी स्कूल के सभी प्रधानाचार्य ने बताया कि सोमवार से स्कूल में सुचारू रूप से कक्षाएं लगेंगी। कक्षा के साथ नए बच्चों की दाखिला प्रक्रिया भी चलती रहेगी। दाखिले के लिए बच्चों का निवास प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण रहता है। इसके लिए अभिभावक बच्चे के आधार कार्ड से लेकर, घर के बिजली के बिल, घर के नाम पर की कोई पॉलिसी आदि में से कोई एक दस्तावेज दे सकते हैं।
स्ट्रॉबेरी देकर किया नौनिहालों का स्वागत
सेक्टर-35 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बाल वाटिका के बच्चों का स्ट्रॉबेरी देकर स्वागत किया गया। नई शुरुआत के लिए बच्चों को स्कूल के किचन गार्डन में जैविक खेती से तैयार की स्ट्रॉबेरी दी गई। स्ट्रॉबेरी मिलने से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान दिखी।
इतने विद्यार्थी पहुंचे स्कूल
जीएमएसएसएस-35 = 12 प्रतिशत
जीजीएमएसएसएस-18 = 9 प्रतिशत
जीएमएचएस-49 = 10 प्रतिशत