चंडीगढ़ सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वुमन में चंडीगढ़ पुलिस ने अनुमोदित अनुसंधान परियोजना शुरू की है। इसका उद्देश्य चंडीगढ़ में महिला इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच साइबर उत्पीड़न की घटनाओं की जांच के बारे में पता लगाकर उन्हें जागरूक करना है। कॉलेज के दो प्रोफेसरों की शोध में सामने आया कि शहर में 15 से 24 उम्र वर्ग की महिलाओं के साथ साइबर अपराध ज्यादा हो रहा है।
चंडीगढ़ में महिलाओं के साथ साइबर उत्पीड़न शीर्षक पर अनुसंधान कॉलेज के पोस्ट ग्रैजुएट डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स की डॉ. ममता रती और पोस्ट ग्रैजुएट डिपार्टमेंट ऑफ सोशियोलॉजी की डॉ. मीनाक्षी राणा ने पूरा किया। इसकी विस्तृत रिपोर्ट साइबर सेल को सौंपी गई। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव ने कहा कि महिलाओं के प्रति साइबर उत्पीड़न, साइबर मानहानि, साइबर अपराध आदि के मामलों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर हमने यह प्रोजेक्ट शुरू किया है।
सर्वे के मुताबिक साइबर अपराध व्हाट्सऐप पर ज्यादा
प्रो. ममता रती ने बताया कि हमने सर्वे में चंडीगढ़ की 15 से 64 उम्र वर्ग की महिलाओं को शामिल किया था। चंडीगढ़ निवासी, यहां नौकरी करने और पढ़ाई करने वाली लगभग 800 महिलाओं के सैंपल पर सर्वे रिपोर्ट बनाई गई है। हमने प्रश्नों के माध्यम से महिलाओं से पिछले 12 महीने में सोशल मीडिया पर हुए क्राइम से संबंधित सवाल पूछे थे।
इसमें फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम प्लेटफार्म को शामिल किया गया था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर क्राइम गतिविधियां व्हाट्सएप के जरिए हो रही हैं। इसमें भी 15 से 24 उम्र वर्ग की महिलाओं के साथ ज्यादा अपराध हो रहे हैं जैसे सैक्सुअल टिप्पणियां इत्यादि। कई महिलाओं ने ज्यादा सोशल चैटिंग एप का उपयोग का कारण अकेलेपन को बताया।