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Chandigarh News: ऑनलाइन ठगी कर क्रिप्टो ट्रेडिंग से अमेरिकी को भेजी रकम

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चंडीगढ़। साइबर अपराध पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के दो मामलों में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मामले में अमेरिकी का रोल भी सामने आ रहा है, जिसे क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिए घपले की रकम आगे भेजी जाती थी। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। इस मामले में बीते 10 दिसंबर को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में दर्ज किया गया था। वहीं, एक अन्य मामला 8 जून, 2023 को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में दर्ज हुआ था।
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पुलिस ने इन दोनों मामलों में जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें गाजियाबाद (यूपी) का 26 वर्षीय सन्नी, रायपुर (छत्तीसगढ़) का 29 वर्षीय तरुण कुमार, गोरा घाट (मध्यप्रदेश) का 34 वर्षीय अतर सिंह, देवगढ़ (झारखंड) का 31 वर्षीय सक्तर अंसारी और 28 वर्षीय रहमत अंसारी शामिल हैं।
क्रिप्टो प्लेटफार्म पर की जाती थी ट्रेडिंग
पहले मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-20 डी निवासी मंसूर अली ने बताया है कि उनकी पत्नी 17 नवंबर में एक महीने के लिए यूएसए जाना चाहती थी। वे एक अपार्टमेंट ढूंढ रहे थे। इसी दौरान उन्हें वेबसाइट पर जिल्लो प्रॉपर्टी मिली। दंपती ने पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन, पुलिस क्लीयरेंस आदि के रूप में रकम जमा करवा दी। हालांकि, बाद में पता चला कि न्यूयार्क में दिए गए पते पर कोई अपार्टमेंट था ही नहीं। उनके साथ कुल 13,3,123 रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने इस मामले में पहले सन्नी को गिरफ्तार किया और उसने बताया कि वह कई क्रिप्टो प्लेटफार्म पर क्रिप्टो करेंसी का व्यापार करता है। बाद में पुलिस ने दो और आरोपियों तरुण कुमार और अतर सिंह उर्फ कृष्णा कुशवाहा को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि वे व्हाट्सएप के जरिए अमेरिकी के संपर्क में थे। उसने धोखाधड़ी की रकम उनके कहने पर बैंक खातों में डाल दी थी। इसके बाद उन्होंने बिनांस के जरिए यूएसडीटी खरीद अमेरिकी को भिजवा दिया था।
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अमेरिकी का पता लगा रही पुलिस
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हर ट्रांजेक्शन पर उनका मुनाफा 10 प्रतिशत तय था। पुलिस ने इन्हें रिमांड के बाद जेल भेज दिया। जांच में पता चला कि अतर सिंह घोटाले का सरगना है। वह तरुण के साथ मिलकर बैंक खाते देखता था। इनके जरिए ही घपले की रकम क्रिप्टो करंसी के रूप में आगे क्रिप्टो प्लेटफार्म पर जाती थी। इसके बाद यह मर्चेंट खाते बनाते थे और बल्क में व्यापार करते थे। ठगी की रकम बिनांस के जरिए अमेरिकी को भेज देते थे। आरोपियों ने घपले के लिए पांच खातों का इस्तेमाल किया था। पुलिस अमेरिकी लगा रही है।
कस्टमर केयर के जरिए रिफंड लेना पड़ा महंगा
धोखाधड़ी का दूसरा मामला चंडीगढ़ की एक महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उसने सिंपल पे एप का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च किया था ताकि रिफंड करवा सके। उसे एक नंबर मिला। कॉल करने पर व्यक्ति ने रिमोट डेस्कटॉप एसेसिंग एप एनीडेस्क डाउनलोड करने को कहा। एक लिंक भेज आरोपियों ने महिला के मोबाइल और खातों की जानकारी ले ली। उसके साथ 1.25 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन कर ली। पुलिस ने रहमत अंसारी और सक्तर अंसारी को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक बैंक खाता किट बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार के स्कैम नाइजीरिया, चीन, दुबई और पाकिस्तान से संचालित किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर इस लुभावने ऑफर आदि से बचें और सतर्कता बरतें।
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