चंडीगढ़। इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में शहर की एक फार्मा कंपनी के दो प्रमोटरों समेत एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को शहर से गिरफ्तार किया है। इनमें पैराबोलिक ड्रग्स कंपनी के प्रमोटर विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता के अलावा चार्टर्ड अकाउंटेंट एसके बंसल शामिल हैं। इन्हें शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर पांच दिनों का रिमांड लिया है। इनसे ईडी गहन पूछताछ कर रही है। इनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) में मामला दर्ज किया गया है।
बीते शुक्रवार को ईडी ने पैराबोलिक ड्रग्स कंपनी के चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, पंचकूला और अंबाला स्थित दफ्तरों में छापे मारे थे। इस मामले में ईडी ने एक विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता के बारे में पूछताछ की थी। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया था कि पैराबोलिक ड्रग्स कंपनी का उनसे कोई ताल्लुक नहीं है।
विनीत और प्रणव ने विवि के निर्माण में दिया था योगदान
ईडी को पता चला था कि विनीत गुप्ता और प्रणव गुप्ता उन 200 से ज्यादा संस्थापकों और दानकर्ताओं में शामिल थे, जिन्होंने संबंधित विश्वविद्यालय के निर्माण और विकास में योगदान दिया था। ये दोनों आरोपी हरियाणा के एक बड़े विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक भी बताए गए थे। वर्ष 2021 में सीबीआई ने इस फार्मा कंपनी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने वर्ष 2022 में अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया था। सीबीआई आरोपों के मुताबिक इन दाेनों प्रमोटरों और इनकी फार्मा कंपनी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से संचालित बैंकों के एक संघ के साथ 1626.74 करोड़ का घपला किया था। सीबीआई ने फार्मा कंपनी पर आरोप लगाया था कि आपराधिक साजिश रचकर जालसाजी से ऋण हासिल किया गया था।