जिला पुलिस की कार्यप्रणाली से खफा बॉलीवुड फिल्म निर्माता मंगलवार को यहां लघु सचिवालय पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनके साथ परिवार के अन्य लोग भी थे।
उनका आरोप है कि 29 नवंबर को होटल में नशे में धुत कुछ युवकों ने बेटी, भतीजी और अन्य परिजनों से अभद्र व्यवहार किया लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है।
फिल्म निर्माता बीएल गौतम ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज कराने के लिए दो दिनों से मॉडल टाउन थाना एसएचओ और एसपी से मिल चुके हैं। इसके बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया।
उन्होंने सुनवाई न होने पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे और आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। शाम को सीटीएम भारत भूषण गोगिया ने पुलिस कार्रवाई करवाने और डीसी से मिलवाने का आश्वासन दिया।
यह था पूरा मामला
वर्तमान में मुंबई में रहने वाले ‘वेडनेसडे’ और ‘खोसला का घोंसला’ जैसी फिल्मों के निर्माता बीएल गौतम ने बताया कि वह बेटे की शादी के लिए शहर आए थे। 29 नवंबर को उनकी बेटी, भतीजी और परिवार के अन्य सदस्य एक होटल में रुके थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान नशे में धुत चार-पांच युवकों ने होटल कर्मी से मिलकर युवतियों के ही बगल का कमरा किराये पर ले लिया।
रात में सभी ने उनकी बेटी और भतीजी के कमरे को जबरन खुलवाने की कोशिश की। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने खुद को कमरे बंद रखा। इसके बाद मुझे और भाई रामअवतार को बुलाया गया। उस दौरान होटल और बार स्टाफ आरोपियों को वहां से निकालने लगा।
पुलिस को फोन करने पर लोकेशन नहीं मिलने की बात पता चली, जबकि बार मालिक के युवकों को मौके से निकालने के बाद पुलिस थोड़ी ही देर में ही होटल आ पहुंची। अगले दिन पूछने पर पता चला कि युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जहां से उन्हें जमानत मिल गई है। जबकि दुर्व्यवहार की शिकायत ही नहीं ली गई है।
कस्टम विभाग में भी रहे हैं अधिकारी
निर्माता रहे बीएल गौतम फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले कस्टम विभाग में 20 साल तक रहे। बकौल गौतम 1998 में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति अवार्ड के लिए नामित किया गया था। लेकिन उन्होंने किसी कारणवश यह अवार्ड लेने से इन्कार कर दिया था। वह हाल ही में उनका उनका उपन्यास एंडी-लीलू प्रकाशित हुई थी।
पीड़ित बीएल गौतम की मांगों को मानते हुए होटल व बार के सीसीटीवी फुटेज लिए जाएंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पुलिस के खिलाफ एक्शन के लिए डीसी व एसपी अधिकारी होंगे। पीड़ित अपनी शिकायत डीसी से मिलकर करेंगे।
- भारत भूषण गोगिया, सीटीएम, रेवाड़ी