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पीजीआई में महिला मरीज से छेड़खानी : जांच समिति ने दर्ज किया पीड़िता का बयान

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चंडीगढ़। पीजीआई की ओपीडी में एक महिला मरीज को सहायक प्रोफेसर की ओर से जांच के दौरान गलत तरीके से छूने के आरोप के मामले की जांच के लिए गठित समिति ने शुक्रवार को पीड़िता का बयान दर्ज किया। सूत्रों ने बताया कि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई और समिति के सामने लगभग 2 घंटे तक बयान लेने की प्रक्रिया चली। मरीज की ओर से डॉक्टर पर लगाए आरोप को पीजीआई प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। बता दें कि 10 साल पहले संस्थान में इस तरह की घटना पर आरोपी डॉक्टर का इस्तीफा भी ले लिया गया था।
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मरीज ने जांच समिति के सामने अपने बयान में बताया कि डॉक्टर ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। ओपीडी में भीड़ कम होने के बाद डॉक्टर ने आगे की जांच के लिए दोबारा बुलाया। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि जांच में शामिल होने के लिए बुलाए जाने के बाद महिला मरीज शुक्रवार को पंजाब से पीजीआई पहुंची। समिति जांच कर रही है। इस मामले में बीते सोमवार को आरोपी यूरोलॉजी विभाग के डॉ. शैंकी सिंह से समिति ने पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इन आरोपों से इन्कार कर दिया है।

ये है मामला

यूरोलॉजी विभाग के डॉ. शैंकी के खिलाफ एक मरीज ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें ओपीडी के बंद कमरे में जांच के दौरान गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया गया था। पंजाब की 38 साल की महिला मरीज किडनी में पथरी की समस्या लेकर यूरोलॉजी ओपीडी में आई थी। पीजीआई निदेशक को दिए शिकायती पत्र में उसने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बिना किसी महिला अटेंडेंट के उसकी जांच की। मरीज ने अपने पत्र में डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और डॉक्टर बदलने की मांग की है। यह मामला बीते सात सितंबर को निदेशक पीजीआई के संज्ञान में आया था। इसमें 16 सितंबर को कमेटी गठित की गई थी। पांच सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता गायनोकोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रो. वनिता जैन कर रही हैं।
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