पुलिस ने घटनास्थल पर जाने में की देरी, वरना आज भाई की अंगुलियां जुड़ी होतीं
हरदीप के भाई मनिंदर सिंह ने बताया कि वारदात के बाद वे अपने भाई को सिविल अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने अंगुलियां लाने को कहा। इसके बाद वे डरे हुए थे कि कहीं हमलावर उन पर हमला न कर दें इसलिए उन्होंने फेज-6 स्थित पुलिस चौकी के मुलाजिमों को साथ चलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने काफी देर तक भी सरकारी वाहन नहीं निकाला। इस पर वे एक ऑटो में पुलिसकर्मियों को साथ लेकर घटनास्थल पर गए लेकिन वहां पर उन्हें भाई की अंगुलियां नहीं मिली। इसके बाद वे लौट गए। इसके तीन घंटे बाद वे फिर से अंगुलियां ढूंढने आए तो उन्हें अंगुलियां मिलीं। वे अस्पताल पहुंचे और फिर डॉक्टरों ने भाई को पीजीआई रेफर कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस फौरन उनके साथ चलती और अंगुलियां जल्द मिलतीं तो शायद आज अंगुलियां जुड़ी होतीं।
सात घंटे चला ऑपरेशन, दो अंगुलियां जोड़ीं... वह भी काटनी पड़ीं
मनिदंर सिंह ने बताया कि भाई की अंगुलियां लेकर वह पीजीआई पहुंचे तो डॉक्टरों ने सात घंटे तक ऑपरेशन के बाद दो अंगुलियों को जोड़ दिया। जब कुछ दिन बाद वे नीली पड़ गई तो उन अंगुलियों को भी यह कहकर काट दिया कि यह कामयाब नहीं होंगी।
भाई की हत्या के शक में लिया बदला
बड़माजरा में करीब छह महीने पहले 26 साल के बंटी फाइनेंसर की हत्या कर दी गई थी। बंटी के भाई गौरी को शक है कि वारदात से पहले बंटी के दोस्त हरदीप उर्फ राजू ने उसे फोन कर बुलाया था और उसकी हत्या में हरदीप की मिलीभगत है। वारदात के समय गौरी जेल में बंद था। अब जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हरदीप की अंगुलियां काट दीं।
16 अगस्त 2022 को हुआ था बंटी का कत्ल
गांव बड़माजरा में स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन 16 अगस्त 2022 की देर रात फाइनांसर बंटी शर्मा (26) की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी थी। मृतक के चेहरे और सिर पर डंडों व तलवारों से कई वार किए गए थे। वह 14 दिन पहले ही नशा तस्करी के केस में जमानत पर जेल से बाहर आया था। मृतक की मां ने बेटे की हत्या के लिए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एक गुर्गे को जिम्मेदार ठहराया था। तब बंटी को फोन आया कि किसी का इलाके में झगड़ा हो गया है। वह उस मामले में बीचबचाव करने आया था। इस दौरान उसका एक साथी भी उसके साथ था। जैसे ही वह वहां पर पहुंचा तो पहले से घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उसके कार से उतरते ही उस पर डंडों और तलवारों से कई वार किए थे। इसके बाद आरोपी फरार हो गए थे। लोगों ने उसे पीजीआई पहुंचाया लेकिन वहां कुछ देर चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया थे। पीजीआई ने बलौंगी थाने को देर रात इसकी सूचना दी लेकिन पुलिस की टीम अगले दिन सुबह 11 बजे मौके पर पहुंची थी।